सरकारी एमबीबीएस कॉलेजों में दाखिला दिलाने का झांसा देकर 40 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले ठगों ने फर्जी आईडी पर सिम लेकर कॉल किए थे। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि शिक्षण संस्थान के सारे नंबरों के पते और उनके नाम फर्जी हैं। सभी नंबर बंद हैं, जिसकी वजह से पुलिस को सर्विलांस के जरिए भी कोई कामयाबी अभी तक हाथ नहीं लगी है।
पुलिस का दावा है कि जांच की जा रही है और जल्द ही ठगों को पकड़ लिया जाएगा। देश के सात राज्यों के 31 छात्र-छात्राओं को सरकारी कॉलेजों में कोटे की तीन सीटों पर दाखिला दिलाने के नाम पर ठगों ने बाकायदा वैशाली सेक्टर-3 में अपना ऑफिस खोला और उन्हें फोन मिलाया।
छात्र-छात्राएं ठगों के बहकावे में आ गए और वैशाली में उनके ऑफिस आकर मिले, जिसके बाद उनकी काउंसलिंग कराई। इनकी काउंसलिंग भी झांसी, लखनऊ, सहारनपुर, इलाहाबाद आदि जिलों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उसी दिन कराई गई, जिस दिन मेडिकल में प्रवेश के लिए वैध काउंसलिंग थी, जिससे छात्रों को धोखाधड़ी का शक ही नहीं हुआ।
हर छात्र से 10 से 25 लाख रुपये तक प्रवेश कराने के नाम पर लिए गए और अक्तूबर के पहले हफ्ते में एडमिशन लेटर डाक से घर पहुंचने की बात बता कर ठग फरार हो गए। एडमिशन लेटर नहीं पहुंचने पर ठगी का पता चला और छात्रों ने थाना इंदिरापुरम में तहरीर दी।
एसओ इंदिरापुरम शीलेश यादव ने बताया कि जो मोबाइल नंबर पीड़ितों ने उपलब्ध कराए हैं, सभी फर्जी पतों पर हैं, पहचान पत्र भी फर्जी हैं। फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं, जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
जगह बदलते रहते हैं
पुलिस ने बताया कि ये ठग जगह बदलते रहते हैं और नए फोन नंबर भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इन्हें ट्रेस करने में मुश्किल होती है। एक शहर में नहीं ठहरने की वजह से समय लगता है।
21 दिन में ठगी की आठ वारदातें
बीते 21 दिनों में टीएचए में ठगी की आठ वारदातें हुई हैं। 40 करोड़ की ठगी को छोड़ दें तो बाकी वारदातों में बैंककर्मी बनकर लोगों से उनकी बैंक डिटेल और एटीएम कार्ड डिटेल लेकर ऑन लाइन शॉपिंग के जरिए चूना लगाया गया है।