दिव्यांग छात्रा को एडमिशन देने से इंकार करने से संबंधित मामले की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन अब सख्त हो गया है। मामले की जांच कर रहे एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार ने सोमवार को डीपीएसजी प्रबंधन को नोटिस जारी कर उनका स्पष्टीकरण मांगा है।
इसके साथ ही जांच अफसर ने पीड़ित छात्रा और उसकी मम्मी के बयान भी दर्ज किए। दूसरी ओर डीएम मिनिस्ती एस.ने भी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।क्रासिंग्स रिपब्लिक में रहने वाली छात्रा वैभवी ने कुछ दिनों पूर्व मेरठ रोड स्थित डीपीएसजी में कक्षा-11 में एडमिशन के लिए आवेदन किया था।
पैर से दिव्यांग वैभवी को स्कूल प्रधानाचार्य ने एडमिशन देने से साफ इंकार कर दिया था। खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने भी इस मामले में स्कूल प्रबंधन से बात करनी चाही थी, मगर स्कूल प्रबंधन ने उनसे भी बात करने से साफ इंकार कर दिया था।
वैभवी के इस मामले को अमर उजाला ने सबसे पहले प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मामला बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुमपा जायसवाल और सीएम योगी आदित्यनाथ तक भी पहुंच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम मिनिस्ती एस. ने एडीएम फाइनेंस को जांच के आदेश दिए थे।
एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को छात्रा वैभवी और उसकी मम्मी रानिता सिंह ने अपने बयान दर्ज कराए। इसके बाद अब उन्होंने डीपीएसजी प्रबंधन को नोटिस भेजकर उनका जवाब मांगा है। जांच अफसर का कहना है कि स्कूल प्रशासन का जवाब आने के बाद वह अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप देंगे।
दिव्यांग बच्ची की मम्मी ने दिया डीएम को ज्ञापन
गाजियाबाद। डीपीएसजी में दाखिला न मिलने के बाद वैभवी और उसकी मम्मी सोमवार को डीएम से मिली। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल के खिलाफ डीआईओएस और जिला विकलांग जन कल्याण अधिकारी को भी शिकायती पत्र दिया। डीएम से मिलकर वैभवी की मम्मी रानिता सिंह ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
डीएम ने उन्हें विश्वास दिलाया कि स्कूल के खिलाफ कार्रवाई होगी। रानिता सिंह ने बताया कि पहले तो वे चाहती थी कि उनकी बेटी का दाखिला डीपीएसजी में हो जाए, लेकिन अब इतना मामला उछलने के बाद उन्होंने तय किया है कि वह अपनी बेटी को इस स्कूल में नहीं पढ़ाएंगी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जंग जारी रखेंगी।