रेजिडेंट्स की समस्याओं का समाधान न करना निहो बिल्डर को भारी पड़ सकता है। हाईकोर्ट ने जीडीए को निर्देश दिया है कि वह बिल्डर पर कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान कराए। इसके बाद जीडीए ने निहो बिल्डर दीपक कपिल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
15 दिनों में समस्याओं का समाधान और नोटिस का जवाब न देने पर यूपी अपार्टमेंट एक्ट की धारा-25 के तहत बिल्डर पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसमें 6 वर्ष की सजा का प्रावधान है। नोटिस के जरिए बिल्डर से सोसायटी के विभिन्न मुद्दों को लेकर जवाब मांगा गया है।
निहो स्काटिश एओए आरडब्ल्यूए सचिव डीके मौर्या ने बताया कि 19 सितंबर 2015 को आरडब्ल्यूए के साथ बैठककर आपसी सहमति से सभी समस्याओं का समाधान करना तय हुआ था। इसके बाद अक्तूबर व नवंबर में कार्यों की समीक्षा कर जीडीए ने बिल्डर को दोबारा निर्देश दिया था।
बावजूद इसके बिल्डर की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। बिल्डर ने अब तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट तक नहीं लिया। समस्याओं का समाधान न होने पर एओए ने हाईकोर्ट में याचिका डाली थी।
जीडीए ने कोर्ट के आदेश के बाद धारा-25 के तहत बिल्डर को कारण बताओ नोटिस भेजा है। दूसरी ओर, निहो के निदेशक दीपक कपिल का नंबर स्विच ऑफ होने के कारण बात नहीं हो सकी।
यह है मामला
बीते नौ वर्ष से निहो स्कॉटिश के रेजिडेंट्स समस्याओं से जूझ रहे हैं। सोसायटी में न अग्निशमन काम करता है, न ही बिल्डर ने अब तक सीवर कनेक्शन लिया है। इस कारण सोसायटी के बेसमेंट, लोगों के घरों के साथ ही लिफ्ट तक में गंदा पानी भर जाता है।