बसपा राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू हिमांशी की मौत के मामले में आरोपी सांसद नरेंद्र कश्यप, पत्नी देवेंद्री और पुत्र डॉक्टर सागर को बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शाम पौने पांच बजे तीनों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस मामले में सांसद का छोटा बेटा सिद्धार्थ और दो बेटियां सरिता और शोभा फरार हैं। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी यह क्लियर नहीं हो सका है कि हिमांशी ने आत्महत्या की है, या उसकी हत्या की गई है। सांसद की गिरफ्तारी से पहले इसकी सूचना राज्यसभा में फैक्स के जरिए भेजी गई थी।
तीनों गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस का सहयोग नहीं किया है, उनकी भूमिका संदिग्ध लग रही है। सांसद और उनकी पत्नी को दोपहर ढ़ाई बजे पुलिस मेडिकल के लिए ले गई तो उन्होंने सीने में दर्द होने की शिकायत की।
आनन फानन में कार्डियोलोजिस्ट की टीम ने जांच की और आधे घंटे बाद जांच रिपोर्ट सौंपी, जिसमें सांसद को स्वस्थ बताया। माना जा रहा है कि सांसद ने जेल जाने से बचने के लिए बीमार होने का यह हाईवोल्टेज ड्रामा किया था, जिसमें वह सफल नहीं हो सके।
सीओ द्वितीय मनीष मिश्रा ने बताया कि इस मामले के हर पहलू की बारीकि से जांच की जा रही है। हिमांशी की हत्या की गई है या फिर उसने सुसाइड किया है जल्द ही इसका खुलासा हो जाएगा। सांसद नरेंद्र कश्यप ने बृहस्पतिवार को भी दावा किया कि उनकी पुत्रवधू ने सुसाइड किया है, हालांकि इसकी वजह का उन्हें पता नहीं है।
सांसद का दावा है कि उनके परिवार पर लगे आरोप झूठे हैं। बता दें कि बुधवार सुबह 11 बजे बदायूं के बसपा नेता हीरालाल कश्यप की बेटी और सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू हिमांशी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। हिमांशी के चाचा हरिओम ने सांसद समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्र्ट कविनगर थाने में दर्ज कराई है।