जिन पैरों के बल पर एक व्यक्ति पिछले 25 वर्षों से परिवार का पालन-पोषण करता रहा। बुधवार को रात के अंधेरे में एक तेज रफ्तार कार ने उसका दाहिना पैर छीन लिया। मौके पर ही रेहड़ी चालक का दाहिना पैर कटकर सड़क किनारे जा गिरा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सड़क पर लहूलुहान पड़े रेहड़ी चालक को पीजीआई में भर्ती कराया। वहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने रेहड़ी चालक की जान बचाई।
हादसे में दाहिना पैर खोने वाला 50 वर्षीय लंबू पिछले 25 वर्षों से सेक्टर-22 की मार्केट में काम करता था। लंबू रेहड़ी चलाकर परिवार का पालन पोषण करता था। उसके जानकारों ने बताया कि लंबू बुधवार को शाम चंडीगढ़ मार्केट से सामान लेकर मोहाली छोड़ने गया था। वहां से लौटते समय जैसे ही वह सेक्टर-36-37 डिवाइडिंग पर पहुंचा। एक तेज रफ्तार वाहन जैसे ही उसके पैर के ऊपर से गुजरा पैर कटकर अलग हो गया। लंबू सड़क के बीच में जा गिरा। सड़क पर लंबू काफी समय तक तड़पता रहा। इस बीच एक राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल लंबू को बेहोशी की हालत में पीजीआई में भर्ती करवाया। वहां कड़ी मशक्कत के बाद डाक्टरों ने उसके पैर से बहने खून को रोका।
पैर के ऑपरेशन के बाद हालत में सुधार
हादसे में दाहिना पैर खो चुके लंबू के पैर का ऑपरेशन हुआ। इसके बाद उसकी हालत में सुधार है। डाक्टरों के मुताबिक लंबू के शरीर से काफी खून बह चुका था। अस्पताल लाने में थोड़ी देरी और होती तो उसकी मौत हो सकती थी।
नए चालकों की करता था मदद
लंबू के जानकारों ने बताया कि वह आर्थिक रूप से गरीब है। लेकिन दिल का नेक है। लंबू को चंडीगढ़ सेक्टर-22 मार्केट में रहते करीब 25 वर्ष से अधिक समय हो गया है। जब भी कोई नया व्यक्ति उसकी लाइन में पैसा कमाने आता था। लंबू आगे बढ़कर उसकी पूरी मदद करता था।
सूचना पर देर शाम पहुंचे परिजन
घायल लंबू मूलरूप से गोंडा, यूपी का रहने वाला है। हादसे की सूचना पर दूसरे दिन देर शाम तक पीड़ित परिवार के लोग चंडीगढ़ पहुंच गए। उन्होंने बताया कि अब लंबू की हालत में सुधार है। लेकिन, उसे अभी पैर गंवाने की बात नहीं बताई गई है।
दूसरे दिन आरोपी गिरफ्तार
सेक्टर-36 थाना पुलिस ने दूसरे दिन आरोपी कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, किसी राहगीर ने आरोपी की कार का नंबर नोट कर लिया था। इसके आधार पर पुलिस ने सेक्टर-37 निवासी को गिरफ्तार किया है। आरोपी चंडीगढ़ में प्राइवेट जॉब करता है।