सबसे ज्यादा सड़क हादसे कामर्शियल वाहनों से होते हैं, इसके बाद कारें हादसों का सबब बनती हैं। यह खुलासा ट्रैफिक पुलिस की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है, जिसे शासन को भेजा गया है।
यह सर्वे पिछले पांच साल में हुईं सड़क दुर्घटनाओं के आधार पर तैयार किया गया, जिनमें 2030 लोगों की मौत हुई।
इस दौरान कामर्शियल वाहनों (भारी-हल्के) से 35 प्रतिशत हादसे हुए, कारों से 17 प्रतिशत, बसों से 15, टू व्हीलर से 12, ऑटो रिक्शा से छह और अन्य वाहनों से 15 प्रतिशत हादसे हुए। यही नहीं हादसे नए वाहनों से ज्यादा होते हैं।
शून्य से दो साल तक के वाहनों से 39 प्रतिशत, 2-4 साल उम्र के वाहनों से 16 प्रतिशत, 4-6 साल उम्र के वाहनों से 13, 6-8 साल उम्र के वाहनों से 12, 8-10 साल उम्र के वाहनों से 10 प्रतिशत और 10 से ज्यादा उम्र के वाहनों से 10 प्रतिशत हादसे हुए।
सर्वे रिपोर्ट में यह भी है कि सामान्य मौसम में 21 प्रतिशत हादसे होते हैं, धुंध में 8 प्रतिशत, बारिश में 3, तेज हवा में 10, ज्यादा ठंड में 7 और अन्य मौसम में 51 प्रतिशत हादसे हुए। एसपी ट्र्रैफिक राजेश कुमार ने बताया कि ओवर स्पीड और ट्रैफिक के अन्य नियमों का पालन न करना हादसों का सबब रहा।
कामर्शियल वाहन चलाने वाले वाहन ज्यादा तेज गति से चलाते हैं। इसके अलावा हादसे रोकने के लिए युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। कट्स बंद किए जा रहे हैं, ट्रैफिक लाइट्स दुरुस्त करने और सड़कों की मरम्मत के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजे गए हैं।