भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हमले के मुख्य सूत्रधार मनीष और मनोज को पुलिस 15 दिन बाद नहीं पकड़ पाई है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को इनपुट मिले हैं कि दोनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर में ही कहीं छिपे हैं और सरेंडर करने की फिराक में हैं।
इस इनपुट के बाद गठित की गई छह नई टीमों को उनकी तलाश में लगाया गया है। पुलिस हर हाल में उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है। मनीष-मनोज की गिरफ्तारी केबाद इस केस से कई और पर्दे उठेंगे। इस केस में एके-47, सुपारी और प्लानिंग से संबंधित कई सवाल बाकी हैं, जिनका सही जवाब मनोज और मनीष ही दे सकते हैं।
बब्बल के इस खुलासे से और पेचीदगी बढ़ है कि जंग लगी एके-47 मनीष के पास उसके पिता के समय से है। अगर यह सच भी है तो सवाल यह है कि सुरेश दीवान के पास भी एके-47 कहां से आई।
इसके अलावा पुलिस का अभी तक का खुलासा यही साबित कर रहा है कि इतनी बड़ी वारदात सिर्फ दोस्ती की खातिर अंजाम दे दी गई। किसी ने सुपारी नहीं ली, इससे लोग इत्तेफाक नहीं रख रहे हैं।
माना जा रहा है कि इस केस में अभी और खुलासे बाकी हैं। बता दें कि 11 अगस्त को मुरादनगर में भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में सात आरोपी पकड़े जा चुके हैं, 15-15 हजार रुपये के चार इनामी समेत 8 आरोपी भागे हुए हैं।