गाजियाबाद। नोएडा टेंडर घोटाला प्रकरण में फंसे यादव सिंह की फरार चल रही पत्नी कुसुमलता और ठेकेदार पंकज के मामले में कोर्ट के सख्त रवैये के बाद सीबीआई दोनों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा मथुरा-आगरा में भी सीबीआई ने जाल बिछा रखा है।
माना जा रहा है कि कुसुमलता वृंदावन में छुपी हो सकती है। ऐसे में इस बार तारीख से पूर्व ही सीबीआई कुसुमलता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर सकती है। सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी फरार आरोपियों की चार बार संपत्ति कुर्क करने के आदेश दे चुके हैं।
सीबीआई ने दोनों ही आरोपियों की गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली और नैनीताल में संपत्ति कुर्क की, इसके बावजूद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। सीबीआई की बार-बार नाकामयाबी से नाराज विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने 25 मई को सीबीआई विवेचक को आदेश किया था कि 9 जून तक हर हालत में आरोपियों को गिरफ्तार को कोर्ट में पेश किया जाए।
ऐसा न होने पर न्यायाधीश ने विवेचक के खिलाफ कार्रवाई करने और विभागीय कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित करने की बात कही थी। साथ ही कोर्ट ने यह कहते हुए फरार कुुसुमलता और पंकज जैन की फाइल को अलग कर दिया कि इन दोनों के पेश न होने से मुकदमे की कार्रवाई प्रभावित हो रही है।