गाजियाबाद। एनआरएचएम घोटाले में फंसे यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। सोमवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने आरोपी बाबू सिंह कुशवाहा का रिहाई परवाना भी जारी कर दिया।
पूर्व मंत्री अब अपनी बेटी की शादी में शिरकत कर सकेंगे। कुशवाहा को सीबीआई ने एनआरएचएम घोटाले के कई मामलों में आरोपी बना रखा है। ज्यादातर मामलों में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। पिछले दिनों यूपी के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा के साथ ही सीबीआई ने एक बार फिर से कुशवाहा को आरोपी बनाया था।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी कुशवाहा कोर्ट में पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ पहले गैर जमानती वारंट और फिर कुर्की के आदेश जारी कर दिए गए थे। इसके बाद पूर्व मंत्री ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। तब से वह डासना जेल में बंद थे।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने बताया कि पिछले दिनों पूर्व कैबिनेट मंत्री ने 29 अप्रैल को होने जा रही अपनी बेटी की शादी के लिए पैरोल मांगते हुए सीबीआई कोर्ट में अर्जी दी थी।
हालांकि 13 अप्रैल को अर्जी पर सुनवाई शुरू होने से पहले ही कुशवाहा ने अपनी अर्जी को ‘नॉट प्रैस’ कर दिया था। इसके बाद आरोपी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी।
20 अप्रैल को हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया था। साथ ही आरोपी को आदेश दिया था कि सशर्त जमानत राशि के रूप में 20 लाख रुपये कोर्ट में जमा कराएं। सोमवार को कुशवाहा के अधिवक्ता कोर्ट में पेश हुए और हाईकोर्ट आदेश की कापी सीबीआई कोर्ट में पेश की। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने ने दो लाख रुपये के निजी बंधपत्र और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश किए जाने पर आरोपी पूर्व मंत्री का रिहाई परवाना जारी कर दिया।