काली कमाई से कुबेर बने यादव सिंह को बृहस्पतिवार को सीबीआई कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। डासना जेल अधीक्षक ने पत्र भेजकर कोर्ट को बताया कि लखनऊ में होने के चलते यादव सिंह को आज की निर्धारित तारीख पर पेश नहीं किया जा सका है।
उधर सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने इस मामले में जेल अधीक्षक को चेतावनी देते हुए बाकी दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सीबीआई को भी फटकार लगाई है।
नोएडा में हुए करोड़ों के टेंडर घोटाले में फंसे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे अथारिटी के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह और उसके कई अन्य साथी डासना जेल में बंद हैं। पिछले दिनों लखनऊ की ईडी कोर्ट ने यादव सिंह को तलब किया था।
जेल अधीक्षक द्वारा इस मामले में कोर्ट को अर्जी देकर यादव सिंह को लखनऊ भेजे जाने की अनुमति मांगी गई थी। कोर्ट ने अनुमति दिए जाने के साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया था कि आरोपी को लखनऊ कोर्ट में पेश किए जाने के बाद तत्काल उसे निर्धारित तारीख पर गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाए।
बृहस्पतिवार को अन्य सभी आरोपियों को तो कोर्ट में पेश कर दिया गया, मगर यादव सिंह को नहीं भेजा गया। जेल अधीक्षक एसपी यादव ने पत्र के माध्यम से कोर्ट को जानकारी दी कि यादव सिंह को कोर्ट केआदेश पर लखनऊ कारागार में ही रखा गया है। इसी के चलते इस बार उसे कोर्ट के समक्ष पेश नहीं किया जा सका।
सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने आर्डर शीट पर लिखा है कि यादव सिंह के अनुपस्थित रहने से कोर्ट की कार्रवाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने जेल अधीक्षक को चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी नियत तारीख 4 अप्रैल को अगर यादव सिंह को कोर्ट में पेश नहीं किया गया तो डीजी कारागार, डीजी अभियोजन और इलाहाबाद हाईकोर्ट को नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसके बाद जब कोई अभियुक्त कोर्ट में पेश नहीं किया जाएगा तब जेल अधीक्षक स्वयं व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होकर इसकी जानकारी देंगे। उधर इसी मामले में लंबे समय से फरार चल रही यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता और ठेकेदार पंकज जैन की गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट ने नाराजगी भी जताई।
विशेष न्यायाधीश ने सीबीआई जांच अधिकारी को चेतावनी दी है कि 4 अप्रैल तक आरोपियों की संपत्ति को कुर्क करने के साथ ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए।