आला अधिकारी चाहे जितनी कोशिश करें मगर गाजियाबाद पुलिस सुधरने वाली नहीं है। ताजा मामला नंदग्राम से अगवा युवती से गैंगरेप का है। पुलिस ने पीड़ित पिता पर दबाव बनाकर जबरन रेप की तहरीर लिखवाई और रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर तीन अन्य आरोपियों को बचा रही है। पुलिस की कार्रवाई से नाराज परिजनों ने सिहानी गेट थाने और नंदग्राम चौकी पर प्रदर्शन किया। नंदग्राम इलाके के रहने वाले पीड़िता के पिता ने बताया कि बुधवार को उनकी बेटी (19) मेड का काम कर वापस घर लौट रही थी।
इसी दौरान नंदग्राम के रहने वाले चार आरोपियों ने उनकी बेटी को पहले नशीला पदार्थ पिलाया और फिर बाइक पर अगवा किया। आरोपी उनकी बेटी को एक कमरे में ले गए, जहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने अर्द्ध बेहोशी की हालत में केवल एक आरोपी को पहचाना, बाकी तीनों आरोपी मुख्य आरोपी के साथी हैं। पिता का आरोप है कि घटना के बाद जब वह पुलिस से शिकायत करने पहुंचे तो चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन पर गैंगरेप का मामला दर्ज न कराने का दबाव बनाया।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा था कि वह चार-चार आरोपियों के खिलाफ केस कैसे लड़ पाएंगे। वह गरीब आदमी हैं, कहां इस तरह के मामले में फंस रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने दबाव बनाकर उनसे एक आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर ली और उसी के आधार पर केस दर्ज कर लिया। पुलिस पर अन्य तीन आरोपियों को बचाने का भी आरोप परिजनों ने लगाया है।
वहीं, एसएचओ सिहानी गेट डालचंद का कहना है कि पीड़िता के पिता ने जो तहरीर दी थी, उसी पर केस दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी प्रदीप उर्फ सुक्के को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। पीड़िता के 164 के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष कराए जाएंगे। बयानों के आधार पर ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।