चर्चित यादव सिंह प्रकरण में सीबीआई विशेष कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विशेष न्यायाधीश एके झा ने नोएडा प्राधिकरण के असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर जेपी सिंह और एनकेजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी प्रदीप गर्ग के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
इसी मामले में सात अन्य आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने दोबारा से सम्मन की कार्यवाही की है। यादव सिंह प्रकरण में सीबीआई विगत 15 मार्च को ही अपनी पहली चार्जशीट कोर्ट में पेश कर चुकी है।
यादव सिंह के अलावा इस मामले में उनके सहयोगी रामेंद्र सिंह और एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक/पार्टनर वीके गोयल पहले से ही डासना जेल में बंद हैं। चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद से कोर्ट अब तक चार बार आरोपियों के खिलाफ सम्मन जारी कर चुकी है।
चूंकि ज्यादातर आरोपी चार्जशीट के बाद से ही भूमिगत हो गए हैं, ऐेसे में उन्हें सम्मन तामील नहीं हो सके थे। विगत माह जेपी सिंह के घर पर सीबीआई ने सम्मन तामील करा दिया था। इसी प्रकार 14 जुलाई को प्रदीप गर्ग को भी सम्मन तामील करा दिया गया था। इसके बावजूद दोनों आरोपी 28 जुलाई को लगी तारीख पर कोर्ट में पेश नहीं हुए थे।
दोनों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से कोर्ट में हाजिरी माफी की अर्जी दी थी। सीबीआई ने इस अर्जी पर विरोध जताते हुए कहा था कि आरोपी एक बार भी कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं, ऐसे में उन्हें हाजिरी माफी नहीं दी जानी चाहिए।
सुनवाई पूरी होने पर विशेष न्यायाधीश एके झा ने आरोपी जेपी सिंह और प्रदीप गर्ग की अर्जियों को खारिज करते हुए उनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी कर दिए।