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हत्या कर विदेश भागने की फिराक में आईपीएस का भाई

Fri, 12 May 2017 10:59 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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पासपोर्ट - फोटो : file photo
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सो रहे पिता की हत्या कर फरार हुए आईपीएस संजीव त्यागी के भाई अनुज का कोई सुराग पुलिस को नहीं लगा है। पुलिस का दावा है कि आरोपी विदेश भाग सकता है, क्योंकि वह अपने साथ पासपोर्ट, लैपटॉप, आईडी समेत कुछ अन्य दस्तावेज, पांच लाख की नकदी और लग्जरी कार लेकर गया है। 
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राजनगर सेक्टर-2 स्थित घर में सन्नाटा पसरा रहा।  पुलिस ने अनुज को पकड़ने के लिए उसकी कार को ट्रेस करने के लिए पार्किंग, टोल-नाके खंगालने शुरू कर दिए हैं। उसे विदेश जाने से रोकने के लिए पुलिस ने एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन डिपार्टमेंट को भी सूचित कर दिया है।

पुलिस जांच में घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में अनुज उर्फ डब्बू सुबह 4:40 बजे घर से बाहर जाता दिख रहा है और उसके हाथ में एक बैग है। जांच में पता चला है कि अनुज अपना लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज लेकर फार्च्यूनर कार से भागा है। कार में जीपीएस भी नहीं लगा था।
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यह भी पता चला है कि 9 मई को उसने अपने बैंक ऑफ इंडिया के अकाउंट से पांच लाख रुपये निकाले हैं। ऐसे में पुलिस को शक है कि वह रुपये और पासपोर्ट की मदद से विदेश भाग सकता है।

एसएसपी एचएन सिंह ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए इमीग्रेशन डिपार्टमेंट को सूचित कर दिया गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपी के बैंक डिटेल्स पर भी नजर रखे हुए है।

उसने अगर कहीं अपने क्रेडिट-डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया तो उसकी लोकेशन का पता चल जाएगा।

मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गया है आरोपी
अनुज से बात करने के लिए जिस नंबर पर पुलिस सुबह से कॉल कर रही थी वह देर रात घर के एक कमरे में पड़ा मिला। अनुज लोकेशन ट्रेस होने से बचने के लिए फोन घर पर ही छोड़ गया था। पुलिस ने अनुज के मोबाइल से नंबर निकालकर उसके दोस्तों से पूछताछ शुरू कर दी है।

सफारी कार बेचने के बाद मिले रुपये पिता ने देने से किया था इंकार
जांच में यह बात सामने आई है कि अनुज ने कुछ दिन पहले ही चार से पांच लाख रुपये में एक सफारी कार बेची थी। अनुज पिता का सबसे लाड़ला बेटा था मगर पिता ईश्वर चंद त्यागी ने सफारी खरीदने वाले को कॉल कर रुपये अनुज को नहीं देने की बात कही थी। पिता ने रुपये अपने पास रख लिए थे।

पुलिस को शक है कि शायद इसी घटना के बाद से वह पिता से नाराज था।

मोरटा गांव में किया गया अंतिम संस्कार
ईश्वर चंद त्यागी के शव के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने मोरटा गांव स्थित शमशान घाट पर शुक्रवार सुबह अंतिम कर दिया। इस दौरान आईपीएस संजीव, बड़े भाई प्रवीण, कुलदीप, रिश्तेदार और कई आईपीएस मौजूद रहे। कई नेता और रिटायर्ड अधिकारी भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।

एसटीएफ भी लगी जांच में
हाई प्रोफाइल मर्डर केस को देखते हुए पुलिस नोएडा एसटीएफ की भी मदद ले रही है। पुलिस को शक है कि अनुज यूपी में ही किसी रिश्तेदार अथवा दोस्त के पास छिपा हो सकता है। ऐसे में उसे तलाशने में एसटीएफ मददगार साबित हो सकती है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, मर्डर वैपन पर संशय बरकरार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया है कि ईश्वर चंद को लगी गोली .32 बोर की पिस्टल से चली थी। दाहिनी कनपटी से 12 सेंटीमीटर अंदर गोली फंस गई थी, जिसके चलते उनकी मौत हुई थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से ही उन्हें गोली मारी है।
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ऐसे में वारदात में शामिल हथियार पर अब भी संशय बरकरार है। उधर, पुलिस ने गोली का खोखा ईश्वर चंद की चारपाई पर बिछे गद्दे से बरामद कर लिया है।

कुछ अनसुलझे सवाल
आरोपी अनुज अगर मानसिक बीमार है तो...
- वह लोकेशन ट्रेस होने से बचने के लिए मोबाइल फोन क्यों छोड़ गया

- घर में खड़ी सभी कारों में से सिर्फ ऐसी कार क्योें ले गया, जिसमें जीपीएस नहीं था
- अपना लैपटॉप, आईडी और पासपोर्ट समेत पांच लाख रुपये कैश साथ क्यों ले गया
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