आईपीएस संजीव त्यागी के पिता की हत्या में पुलिस भले ही मानसिक रोगी अनुज को आरोपी मानकर उसकी तलाश कर रही हो मगर घटना में कई अनसुलझे सवाल सामने आ रहे हैं। घर के एक कमरे में आईपीएस अफसर के पिता ईश्वर चंद त्यागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई और परिवार सोता रहा।
किसी ने गोली चलाने की आवाज तक नहीं सुनी। पुलिस भले ही अनुज के मानसिक रोग को हत्या का कारण मान रही हो मगर इसके पीछे पारिवारिक विवाद से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस के अनुसार संजीव के बड़े भाई प्रवीण और कुलदीप आईआईटी की कोचिंग देने वाली प्रसिद्ध पेस एकेडमी चलाते हैं जबकि सबसे छोटा भाई कपिल आईआईटी में सेलेक्ट होने के बाद फिलहाल किसी काम से थाईलैंड गए हैं।
संजीव, कुलदीप और कपिल आईआईटीयन हैं। सिर्फ अनुज ही ऐसा था जो ठीक से पढ़ नहीं सका और कामयाब नहीं हो सका। ऐसे में पुलिस को शक है कि वह अपनी असफलता के चलते ही डिप्रेशन में था।
पुलिस के अनुसार कुछ समय पहले पिता ने पार्टनरशिप में उसका एक बिजनेस भी शुरू करवाया था मगर वह भी बंद हो गया। इसके बाद से वह सीजोफ्रेनिया का रोगी बन गया। उसका दिल्ली के विमहंस अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सवाल यह है कि जब वह मानसिक रोगी था तो उसके पास पिस्टल अथवा तमंचा कहां से आया। गोली चलाने के दौरान किसी ने आवाज क्यों नहीं सुनी। एसपी सिटी आकाश गौतम ने बताया कि अनुज के मिलने के बाद ही हत्या की गुत्थी पूरी तरह सुलझ सकेगी। घटना के पीछे उसका परिवार से चल रहा कोई विवाद भी हो सकता है।
पहले भी सरेआम फायरिंग कर चुका है आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी अनुज अक्सर घर के लोगों से झगड़ा करता था। परिजन उसे समझाबुझाकर शांत करते तो वह कविनगर या मोरटा स्थित दूसरे घर चला जाता। आरोप है कि करीब सवा साल पहले राजनगर सेक्टर-9 स्थित एक पार्क में फुटबाल खेल रहे बच्चों से उसका झगड़ा हो गया था।
इस दौरान उसने हवाई फायर किया था। मामले में उसे पुलिस हिरासत में भी लिया था। इसके अलावा करीब साढ़े तीन साल पहले अनुज कविनगर सी ब्लॉक में शराब पीकर हंगामा कर रहा था। इस दौरान लोगों ने उसके साथ मारपीट भी की थी।
मंगलवार सुबह घर से लखनऊ गए थे संजीव
सीओ द्वितीय मनीष मिश्र ने बताया कि जांच में सामने आया है कि सोमवार तक संजीव भी राजनगर स्थित घर पर परिवार के साथ थे। मंगलवार सुबह ही वह लखनऊ के लिए निकले थे।
उनकी पत्नी राजनगर स्थित घर पर ही थीं। घटना के समय पिता के अलावा उनका कोई भाई घर पर नहीं था। पुलिस को आशंका है कि अगर कोई और घर पर होता तो वह उस पर भी हमला कर सकता था।
पुलिस को शक, रुपये नहीं देने पर पिता से नाराज चल रहा था अनुज
उधर, पुलिस के अनुसार अनुज कुछ काम नहीं करता था। इसके चलते उसे रुपयों की भी समस्या रहती थी। पुलिस को शक है कि हो सकता है अनुज ने पिता से रुपये मांगे हों। रुपये न देने पर वह नाराज हो गया हो और इस तरह का कदम उठा लिया हो।
क्या बोले मनोचिकित्सक
मनोचिकित्सक डा. हिमांशु पांडेय ने बताया कि सीजोफ्रेनिया बीमारी से ग्रसित होने पर मरीज की सोचने और समझने की क्षमता कम हो जाती है। वह घटित न होने वाली घटनाओं का दिमाग में चित्रण करता है और उनके प्रति रिएक्ट करता है।
वह किसी भी व्यक्ति के बारे में कुछ भी सोचकर अपना एक नजरिया बना लेता है। ऐसे में हो सकता है कि अनुज पिता को ही अपनी नाकामयाबी का कारण मानता हो और इस तरह का कदम उठा लिया गया हो।