सिहानी गेट पुलिस ने सेहत बनाने का झांसा देकर लूट और ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि इनके दो साथी भागे हुए हैं। यह दवाखाने की आड़ में अवैध असलहों की तस्करी भी करते थे। इनके पास से 8 देसी पिस्टल मिली हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि पकडे़ गए बदमाश राजपाल निवासी संभल और धर्मेंद्र निवासी मुरादाबाद हैं। इनके दो साथी गजराज और करण सिंह निवासी मुरादाबाद भागे हुए हैं। यह गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘यूनानी दवाखाना’ के नाम से दुकान खोलकर रखता था।
दवाखाने का प्रचार-प्रसार अखबारों और पंफलेट के जरिए कर लोगों को सेहतमंद बनाने का झांसा देता था। दवाखाने में पहुंचने वाले युवकों को जड़ी बूटी के नाम पर नशीला पदार्थ खिलाकर बदमाश उनसे ठगी करते थे।
विरोध जताने पर पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी देते थे। शिकायत करने पर युवक को गुप्त रोगों का मरीज बताकर बदनाम करने की धमकी देते थे। पुलिस ने एक सूचना पर आरोपियों को शुक्रवार सुबह संजय गीता चौक से गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने बताया कि वह तीन हजार रुपये में देसी पिस्टल बेचते थे, यह पिस्टलें उन्हें करण ने बेचने के लिए दी थी। दवाखाने की आड़ में वह असलहों की तस्करी भी करते थे। एसपी सिटी ने बताया कि यह गिरोह प्रसाद के नाम पर लड्डू में नशीला पदार्थ खिलाकर भी वारदात करता था।
गिरोह के अन्य सदस्यों के पकडे़ जाने पर वारदातों का खुलासा हो सकता है। गिरोह पुराना बस अड्डा पर दवाखाना खोलने की फिराक में गाजियाबाद आया था।