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जीपीएस की मदद से पकड़े कार लुटेरे

Wed, 25 May 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला मुरादनगर।
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अपराध्‍ा - फोटो : अमर उजाला
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पांच बदमाशों ने चालक को अगवा कर कार लूट ली। विरोध करने पर चालक को चाकू मारकर लहूलुहान कर दिया और मुरादनगर थाना क्षेत्र में फेंककर भाग गए। पुलिस ने कार में लगे ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के जरिए दौराला के पास कार रोक दी और कार समेत पांचों बदमाशों को दबोच लिया। घायल चालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  
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दक्षिण दिल्ली के एनएफ 393 ए 3 फेस 6 आयानगर निवासी अनिल वर्मा दिल्ली की एक कार कंपनी में चालक है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात वह कार में नांगलोई से लौट रहा था। पंजाबी बाग गोल चक्कर के पास वह लघुशंका लिए रुका।

इसी दौरान पांच बदमाश आए और जबरन कार में बैठ गए। एक बदमाश कार चलाने लगा, जबकि अन्य चारों बदमाशों ने मुंह पर कपड़ा डालते हुए उसे पीछे की ओर खींच लिया और चाकू मारकर लहूलुहान कर दिया।
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इसके बाद पिछली सीट पर पैरों के पास बैठा लिया। अनिल ने बताया कि बदमाश मुरादनगर में असालतनगर गांव के पास उसे फेंककर कार समेत फरार हो गए। उसने फोन के जरिए पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया और लूट की सूचना वायरलेेस से आसपास के जिलों में प्रसारित की। इसके बाद कंपनी से संपर्क कर कार में लगे जीपीएस के जरिए लोकेशन ट्रेस की गई और कार को बंद करा दिया।

जीपीएस की मदद से कार दौराला की दादरी चेक पोस्ट के पास लॉक होकर बंद हो गई। सूचना पर पहले से तैनात दौराला पुलिस ने बदमाशों को दबोच  लिया। मुरादनगर एसओ ने बताया कि पकड़े गए लुटेरे जैकी निवासी डबास गांव, अमन विहार, राजेश निवासी परवेज नगर, राज दुष्यंत निवासी इंद्रा एंकलेव, रोहित निवासी रानी खेड़ा, देवेंद्र निवासी प्रेमनगर, मुबारकपुर, दिल्ली हैं।

जैकी संजय नगर स्थित निजी अस्पताल में एमएलसी बनाने का काम करता है। राजेश 12वीं पास है, राज दुष्यंत निजी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन है, रोहित डीटीसी में इलेक्ट्रीशियन और देवेंद्र कारपेंटर है। सरगना राज दुष्यंत ने बताया कि वह लूटी गई कार को लेकर हरिद्वार जा रहे थे। पांचों ने पहले बीयर पी और बाद में कार लूटी। पुलिस के मुताबिक, देवेंद्र रंगदारी मांगने और राज दुष्यंत चोरी में दिल्ली से पहले भी जेल जा चुके हैं।

125 किमी बाद आए पकड़ में, पुलिस पेट्रोलिंग की खुली पोल
दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ पुलिस पेट्रोलिंग के दावे करती है, लेकिन इस वारदात में सूचना प्रसारित होने के बाद भी तीनों जगह की पुलिस बदमाशों को शुरू में पकड़ नहीं पाई। वारदात स्थल से करीब 125 किलोमीटर दूर जीपीएस से कार बंद करने के बाद ही पुलिस लुटेरे पकड़ सकी।

जबकि दिल्ली और गाजियाबाद से लेकर मेरठ दादरी चेक पोस्ट तक 20 से ज्यादा पुलिस चेक पोस्ट, थाने और चौकियां पड़ती हैं। बदमाश चालक को अगवा कर घुमाते रहे और पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई।

ऐसे काम करता है जीपीएस
जीपीएस कार में छिपाकर लगवाया जाता है। जीपीएस बनाने वाली अलग-अलग कंपनी की अलग-अलग कीमत है। यह पांच हजार से लेकर करीब 25 हजार रुपये कीमत तक मिल जाते हैं। इसे वाहन मालिक मोबाइल से कनेक्ट कर लेते हैं। इससे वाहन की लोकेशन पता चलती रहती है, वह जीपीएस के जरिए उसे रोक भी सकते हैं और उसे लॉक भी कर सकते हैं। बता दें कि पूर्व भी जीपीएस के जरिए कई लूटी और चोरी की गईं वाहन बरामद किए जा चुके हैं।
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