जीडीए द्वारा आशियाना तोड़ने के नोटिस के बाद डिप्रेशन में आए मजदूर ने सोमवार रात पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। सूचना पर मंगलवार सुबह ग्रामीण भड़क गए और हंगामा करते हुए शव सड़क पर रखकर हाईवे जाम की कोशिश की।
हालांकि तहसीलदार और एसएचओ ने पहुंचकर मामला शांत कराया और ग्रामीणों को 15 अप्रैल को जीडीए अधिकारियों से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुए।मुरादनगर के असालतनगर स्थित ग्रीन बेल्ट में सुजीत (38) परिवार समेत रहता था। जीडीए ग्रीन बेल्ट को खाली कराने के लिए कई बार नोटिस दे चुकी है।
ग्रामीणों के मुताबिक इसी कड़ी में सुुजीत को भी दो महीने पहले नोटिस मिला था। जीडीए ने आठ अप्रैल को मकान ध्वस्तीकरण करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद से ही सुजीत डिप्रेशन में था। सोमवार रात उसने अपने मकान में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।
मंगलवार सुबह पत्नी कोमल ने शव देख शोर मचाया तो ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। हंगामा और जीडीए के विरुद्ध नारेबाजी कर ग्रामीणों ने शव अपने कब्जे में लिया। इसके बाद ग्रामीण शव को लेकर हाईवे की ओर से चल दिए। ग्रामीणों की योजना शव सड़क पर रखकर हाईवे जाम करने की थी।
मगर इसी बीच सूचना पर तहसीलदार विजय शंकर और एसएचओ हरिदयाल यादव पहुंच गए और उन्होंने ग्रामीणों को रास्ते में रोक लिया। तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया।
तहसीलदार ने मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने के साथ 15 अप्रैल को जीडीए अधिकारियों से ग्रामीणों की वार्ता कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। एसएचओ हरिदयाल यादव ने बताया कि शव को कब्जे में लेेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
मामले में मृतक की पत्नी कोमल की ओर से सुसाइड की सूचना दर्ज की गई है।परिवार में कोहराम, गांव में मातमसुजीत वर्षों से इस मकान में रह रहा था और मुरादनगर स्थित एक फैक्ट्री में नौकरी करता था। परिवार में पत्नी कोमल के अलावा बेटा कुलदीप (7), बेटी परी(4) और ईट्टू (2) है।
पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था और मासूम बच्चों को देख ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं।