डाक विभाग में फर्जी अकाउंट खोलकर लाखों रुपये का खेल किया जा रहा है। यह खेल विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है। इसकी पोल तब खुली जब एक अकाउंट होल्डर ने अपनी मां के अकाउंट से नौ लाख रुपये निकाले जाने की शिकायत पुलिस से की।डाक विभाग पर उपभोक्ता सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं।
इसके बावजूद यहां लाखों की धोखाधड़ी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक डाक विभाग की अलग-अलग शाखाओं में करीब 40 से अधिक फर्जी अकाउंट खोले गए हैं। कुछ दिनों पहले दीपक गर्ग नाम के व्यक्ति ने शिकायत की थी कि उनकी मां कमला गर्ग के खाते से फर्जी तरीके से 9 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं।
इसके बाद डाक विभाग के अधिकारियों ने जब पड़ताल की तो पता चला कि कमला गर्ग का अकाउंट बंद हो चुके अकाउंट नंबर पर खोला गया था। यही नहीं गोविंदपुरी पोस्ट ऑफिस में इस तरह के और भी फर्जी अकाउंट पाए गए। जांच कर रही टीम ने अब डाक विभाग के सभी क्लोज अकाउंट को खंगालना शुरू कर दिया है।
डाक अधीक्षक प्रियंका मिश्रा ने बताया कि अब तक की जांच में यह सामने आया है कि विभाग में पुराने अकाउंट जो बंद हो चुके हैं, उसी अकाउंट नंबर पर फर्जी तरीके से नए खाते खोले गए हैं। अभी यह कहना मुश्किल होगा कि इस तरह के कितने अकाउंट हैं। फर्जी अकाउंट से जो पैसे निकाले गए, वह सरकारी पैसे हैं।
मेन डाटा में जाकर हेराफेरी की गई है। जांच के दायरे में आए गोविंदपुरी डाकघर के पोस्टमास्टर राजीव को सस्पेंड कर दिया गया है।