नोएडा सेक्टर-18 स्थित कारपोरेशन बैंक को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 7.50 करोड़ का चूना लगाने वाले स्टील कारोबारी और उसके दो बेटों को सीबीआई ने मुंबई से धर दबोचा। शनिवार को सीबीआई के डिप्टी एसपी हिमांशु बहुगुणा ने आरोपियों को जेएम सीबीआई चेतना सिंह की कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया। सीबीआई लोक अभियोजक अमजद अली के अनुसार वर्ष 2012 में दिल्ली के वसुंधरा एंक्लेव निवासी गिरिजा शंकर राठी और दो बेटों राघव राठी व ध्रुव राठी ने कारपोरेशन बैंक नोएडा शाखा से 7.50 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।
आरोपियों की नोएडा में स्टील कंपनी थी। ऋण लेने के बाद आरोपी फरार हो गए थे और मुंबई के कांदीवली इलाके में रहने लगे थे। इस मामले में बैंक की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें बताया गया था कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने ऋण हासिल किया और फरार हो गए।
इसी वर्ष दो जनवरी को सीबीआई ने मामले की चार्जशीट जेएम सीबीआई की कोर्ट में पेश कर दी थी। कोर्ट ने आरोपियों को भगौड़ा घोषित करते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
मामले के जांच अधिकारी एवं सीबीआई के डिप्टी एसपी हिमांशु बहुगुणा ने बताया कि पिछले दिनों उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी अपने परिवार के साथ मुंबई में पहचान बदलकर रह रहा है। बृहस्पतिवार को सीबीआई टीम मुंबई पहुंची और आरोपियों को धर दबोचा।
मुंबई कोर्ट से आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर सीबीआई उन्हें गाजियाबाद ले आई और जेएम कोर्ट में पेश कर दिया।