योगी सरकार की पहली कैबिनेट में छोटे किसानों का कर्जा माफी का फैसला हुआ तो गाजियाबाद के किसानों के चेहरे भी खिल गए। कभी कुदरत की मार तो कभी कर्ज के बोझ तले छोटे किसानों को योगी सरकार के इस फैसले से ‘ऑक्सीजन’ मिलेगी।
वहीं अब गेहूं खरीद के दौरान विधायक और मंत्री अपने क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर जाकर निगरानी करने की भी जिम्मेदारी दी गई है। यानी किसानों का शोषण भी बंद होगा।
रजापुर निवासी किसान बिजेंद्र सिंह का कहना है कि किसान कर्ज में डूबे हुए थे। प्रदेश सरकार की कर्जा माफ करने की अच्छी पहल है।
किसानों को न सिर्फ कर्ज से राहत मिलेगी, बल्कि बैंकों के अधिकारियों की प्रताड़ना भी नहीं झेलनी पड़ेगी। हरसांव निवासी राजेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार किसानों को फसलों का दाम सही नहीं मिल पाया। जिसकी वजह से वह कर्ज में डूबते जा रहे थे। सबसे ज्यादा असर छोटे किसानों पर पड़ा था।
प्रदेश सरकार का यह निर्णय उनके लिए राहत लेकर आएगा। रईसपुर निवासी सतवीर सिंह का कहना है कि गेहूं क्रय केंद्रों पर विधायक और मंत्री जाएंगे तो घटतौली और शोषण से निजात मिलेगी। अधिकारियों में खौफ रहेगा तो वह मनमानी नहीं कर सकेंगे।
डूंडाहेड़ा निवासी हर्षवर्धन त्यागी का कहना है कि गेहूं क्रय केंद्रों पर विधायकों और मंत्री के दौरे के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाने चाहिए। ताकि अफसरों की मनमानी कैमरों में कैद हो सके।
कर्ज माफी और गेहूं क्रय केंद्रों पर मंत्रियों को निगरानी की जिम्मेदारी देकर भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि वह किसानों की सच्ची हितैषी है। किसानों को आश्वस्त करना चाहूंगा कि इस बार गेहूं खरीद में घपलेबाजी नहीं चलेगी। अपने क्षेत्र में वह खुद मॉनीटरिंग करेंगे। -अतुल गर्ग, खाद्य एंव रसद मंत्री
प्रदेश सरकार का यह एतिहासिक फैसला है। 30729 करोड़ का किसानों का कर्जा माफ करने का फैसला पहले किसी सरकार ने नहीं किया। इससे पहले केंद्र सरकार ने बजट में 42 फीसदी हिस्सा किसानों के लिए रखकर बता दिया था कि भाजपा ही किसानों की हितैषी है।
किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है। - राजा वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा
भाजपा के नेता जो कहते हैं, वह करते हैं। चुनाव के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी में किसानों का कर्जा माफी की घोषणा की थी और अब 15 दिन में ही उसे पूरा भी कर दिया। भाजपा के शासनकाल में प्रदेश का किसान खुशहाल होगा। - अशु वर्मा, महापौर