हिमांशी की मौत का मामला अब मिस्ट्री बनता नजर आ रहा है। पुलिस को जिस बेलेस्टिक जांच से अहम सुबूत मिलने की उम्मीद थी, वह भी शुक्रवार को टूट सी गई। आगरा फोरेंसिक लैब से आई बेलेस्टिक रिपोर्ट में न तो हिमांशी के हाथों पर गन पाउडर मिला है और न हीं जांच के लिए भेजे गए सांसद नरेंद्र कश्यप और उनके परिजनों के कपड़ों पर। इस बेलेस्टिक रिपोर्ट से निराशा हाथ लगने के बाद इन्वेस्टीगेशन अधिकारी को अब फोरेंसिक टीम की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।
शुक्रवार को आगरा से आई बेलेस्टिक जांच रिपोर्ट के बाद से पुलिस अधिकारी भी हैरान हैं। पुलिस को उम्मीद थी कि अगर हिमांशी ने खुद गोली चलाई थी तो उसके हाथों पर और अगर किसी ने उसकी हत्या की है तो उसके कपड़ों पर कहीं न कहीं गन पाउडर अवश्य मिलेगा।
इसी के चलते पुलिस ने सांसद नरेंद्र कश्यप, हिमांशी के पति डा. सागर, उसके छोटे भाई सिद्धार्थ कश्यप के साथ ही घटना के दिन घर में ही मौजूद दो फैमिली मेंबर मोनू और सचिन के कपडे़ भी बेलेस्टिक जांच के लिए भेजे थे।
जांच में गन पाउडर न मिलने से हिमांशी की मौत का यह मामला अब परिस्थितिजन्य केस की श्रेणी में शामिल होता नजर आ रहा है। ठीक वैसे ही जैसे नोएडा के जलवायु विहार में हुआ आरुषि-हेमराज मर्डर केस था। इस केस में भी सीबीआई के पास कोई पुख्ता सुबूत नहीं थे।
‘बेलेस्टिक रिपोर्ट शुक्रवार को प्राप्त हो गई है। इसमें न तो हिमांशी के हाथ में गन पाउडर मिला है और न ही जांच के लिए भेजे गए सांसद फैमिली के कपड़ों पर। अब हमारी नजरें फोरेंसिक टीम की उस जांच पर टिकी हुई हैं, जिसमें टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां से सैंपल एकत्र किए थे।’ - मनीष मिश्रा, सीओ सेकेंड/जांच अधिकारी