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इंजीनियर समेत नशे के दो सौदागर गिरफ्तार

Thu, 22 Sep 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला इंदिरापुरम
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-एनसीआर के हुक्का बारों में नशे के लिए डोडा पाउडर सप्लाई करने वाले एक डिप्लोमा इंजीनियर को साथी समेत इंदिरापुरम पुलिस ने मंगलवार देर रात यूपी गेट से धर दबोचा। दोनों के पास से पुलिस ने करीब दो लाख रुपये कीमत का 53 किलो डोडा पाउडर बरामद किया है।
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दोनों डोडा तस्करों के तार गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव और दिल्ली में ड्रग्स सप्लाई करने वाले गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस अब इनके साथियों की तलाश में जुटी है।  सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि एसओ साहिबाबाद शीलेश यादव फोर्स के साथ यूपी गेट पर चेकिंग कर रहे थे।

इस दौरान दिल्ली की ओर से आ रहे बाइक सवार युवक पुलिस से बचकर भागने की कोशिश करने लगे। टीम ने दोनों को धर दबोचा। उनके पास से एक बड़ा बैग मिला, जिसकी तलाशी लेने पर उसमें से भारी मात्रा में डोडा पाउडर निकला। पकड़े गए बदमाशों की पहचान शामली निवासी सुमित और निर्देश के रूप में हुई। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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सीओ ने बताया कि सुमित ने दिल्ली की एक पॉलीटेक्निक कॉलेज से मेकेनिकल में डिप्लोमा है। कुछ दिन तक उसने एक कंपनी में जूनियर इंजीनियर की जॉब भी की। इसके बाद रुपयों के लालच में डोडा बेचने लगा। निर्देश भी बीए पास बताया जा रहा है।

पुलिस अब दोनों को डोडा सप्लाई करने वाले साथियों की तलाश में जुटी है। दोनों ने बताया कि वह एक साल में दिल्ली-एनसीआर के हुक्का बारों में नशीला पदार्थ सप्लाई करते थे और आज गाजियाबाद में सप्लाई के लिए माल ला रहे थे।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले अमर उजाला ने ट्रांस हिंडन के हुक्का बारों में युवाओं को नशे की लत लगाने की खबर प्रकाशित की थी। बदमाशों के पकड़े जाने के बाद साफ हो गया है कि हुक्के के फ्लेवर में युवाओं को नशा करवाया जाता था।            

फ्लेवर में नशे के लिए मिलाया जाता था डोडा            
सुमित ने बताया कि हुक्का बारों में फ्लेवर्ड हुक्का ही युवाओं को दिया जाता है, मगर जो युवा नशा करना चाहते हैं, उनसे अतिरिक्त रुपये लेकर फ्लेवर के पानी में डोडा मिलाया जाता है, जिससे युवाओं को नशा हो जाता था। नशा बढ़ाने के लिए डोडा को तीन दिन तक पानी में घोलकर रखते थे।            

चाय के खोखे और होटलों को भी करते थे सप्लाई            
तस्करों ने बताया कि सिर्फ हुक्का बार ही नहीं गाजियाबाद के चुनिंदा होटलों और चाय के खोखों पर भी वह डोडा सप्लाई करते थे। इन खोखों पर पुड़िया बनाकर युवाओं को इसे बेचा जाता था। एक पुड़िया की कीमत 100-150 रुपये होती थी। 20 से अधिक हुक्का बारों में भी वह डोडा सप्लाई करते थे।  
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