इंदिरापुरम के शक्ति खंड-3 से छह दिन से लापता सीए की बेटी आर्ची शनिवार देर रात घर आ गई। उसका कहना है कि वह खुद घर छोड़कर नहीं गई थी। उसे दो महिलाएं रुमाल सुंघाकर बेहोश करके ले गईं थीं। वहीं, आर्ची के परिजनों ने भी पुलिस पर जांच को दूसरी तरफ मोड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आर्ची का अपहरण हुआ था।
आर्ची के सकुशल घर पहुंचने से परिवार और कालोनी के लोग खुश हैं। रविवार सुबह अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में आर्ची (12) ने आपबीती सुुनाई। उसने कहा कि 13 फरवरी की दोपहर वह मां के साथ स्कूल से घर आई थी।
इसके बाद मां उसे घर पर छोड़कर उसकी बड़ी बहन को लाने के लिए पास के बस स्टॉप पर र्गइं थीं। वह घर पर अकेली थी तभी घर की घंटी बजी। वह गेट पर पहुंची तो बाहर गुलाबी साड़ी पहने एक महिला खड़ी थी। उसका चेहरा शॉल से ढका था।
महिला ने दरवाजा खोलने को बोला तो उसने घर लॉक होने की बात कही। महिला ने सामने टेबल पर चाभी रखी हुई देख ली और कहा चाभी सामने टेबल पर है, दरवाजा खोलो। जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो महिला ने उसे पकड़ने की कोशिश की।
वह खुद को बचाती हुई सीढ़ियों से भागी। वह सड़क पर भाग रही थी कि सामने दूसरी महिला ने उसे रोक लिया और एक रुमाल उसके मुंह पर लगा दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। जब उसे होश आया तो वह ट्रेन में थी। साथ में वही दोनों महिलाएं थीं।
उनमें से एक ने कहा कि बेटा परेशान मत हो, मैं तुम्हें घर तक छोड़ दूंगी। तभी महिला ने बैग से कुछ निकाला और उसे सुंघाकर फिर से बेहोश कर दिया। जब दोबारा होश आया तो ट्रेन स्टेशन पर रुकी थी। एक महिला ट्रेन से उतरकर प्लेटफार्म पर कुछ खरीदने चली गई।
दूसरी महिला फोन पर बात कर रही थी तभी वह मौका पाकर ट्रेन से कूदकर भाग गई। वह भागते हुए एक बस अड्डे पर पहुंची। वहां अकेली देखकर पुलिस उसे थाने लेकर गई। वहीं, आर्ची के पिता सुभाष यादव का कहना है कि उनकी बेटी खुद घर छोड़कर नहीं गई थी।
उसका अपहरण दो महिलाओं ने किया था। पुलिस मामले को दूसरी तरफ भटकाने में लगी हुई है। उन्होंने बच्ची पर पढ़ाई का दबाव नहीं डाल रखा था और न ही बच्ची दबाव में थी।
पुलिस को दिए गए बयान आर्ची को नहीं याद
आर्ची ने बताया कि हिमाचल पुलिस ने उससे क्या पूछा, उसे याद नहीं है। उसने जो जवाब भी दिए, वह भी उसे याद नहीं हैं। उसने बताया कि शुरुआत में उसका सिर काफी भारी था। वह काफी घबराई हुई भी थी। घबराहट के चलते अब उसे वो बातें याद नहीं आ रही हैं।
पुलिस करेगी आर्ची की काउंसलिंग
सीओ इंदिरापुरम अनिल यादव ने बताया कि आर्ची की बातें मनगढ़ंत ज्यादा लग रही हैं। पुलिस के अनुसार, 13 फरवरी को पड़ोस के एक सीसीटीवी कैमरे में आर्ची अकेली भागती नजर आ रही है। उसके पीछे कोई महिला जाती नहीं दिखाई दे रही है।
उन्होंने बताया कि आर्ची की मां ने 2.51 बजे आर्ची से लैंडलाइन में बात की थी, जबकि आर्ची 2.54 बजे सीसीटीवी मेें भागती हुई नजर आ रही है। पुलिस के मुताबिक परिजनों का कहना था कि चाभी दरवाजे के बगल में टंगी रहती है, फिर चाभी टेबल पर कैसे दिखी।
एसपी सिटी सलमान ताज का कहना है पुलिस ने जब स्कूल में जांच की तो पता चला था कि उसका होमवर्क पूरा नहीं था, जिसकी वजह से वह दबाव में थी। आर्ची की काउंसलिंग कर घटना की पूरी जानकारी ली जाएगी। फिर आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
कुछ दिन पहले सोसायटी में सामान बेचने आई महिलाओं से हुआ था झगड़ा
आर्ची की मां सुधा ने बताया कि कुछ दिन पहले दो महिलाएं नीचे सोसायटी में सामान बेचने आईं थीं। इस दौरान उनका झगड़ा उनसे हो गया था, तभी एक महिला ने उन्हें धमकाते हुए कहा था कि इस तरह से मत बोलो इसका परिणाम तुम्हें भुगतना पड़ेगा।
उन्हें शक है कि उन दो महिलाओं की उनकी बेटी के अपहरण में संलिप्ता हो सकती हैं। पुलिस उन्हें पकड़ने की बजाए दूसरे एंगल की बात कह रही है।