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डेंटल डिप्लोमा का छात्र साथी संग करता था स्नैचिंग, दबोचा

Sun, 16 Apr 2017 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ गाजियाबाद
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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कविनगर पुलिस ने शुक्रवार रात चेकिंग के दौरान एएलटी के पास से दो शातिर चेन स्नैचर्स को मुठभेड़ के बाद धर दबोचा। पुलिस ने बदमाशों के पास से पांच सोने की चेन और एक पिस्टल बरामद की है। पकड़ा गया एक बदमाश डिप्लोमा इन डेंटल मैकेनिज्म (डीडीएम) का छात्र है और जल्दी पैसे कमाने की चाहत में स्नैचर बन गया था।
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एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि शुक्रवार देर रात पुलिस टीम एएलटी के पास स्थित पेट्रोल पंप के सामने चेकिंग कर रही थी। इस दौरान बाइक सवार दो युवकों को रोका गया तो वे भागने लगे। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायर किया।

इसी बीच बदमाशों की बाइक फिसल गई और पुलिस ने दोनों को धर दबोचा। बदमाशों के पास से सोने की पांच चेन, पिस्टल, तीन कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया। एसपी सिटी ने बताया कि बदमाशों की पहचान शौकत निवासी इस्लाम नगर खतौली, मुजफ्फरनगर और पवन निवासी दुर्वेशपुर मेरठ के रूप में हुई है।
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दोनों ने पिछले डेढ़ माह में ही करीब आधा दर्जन स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम दिया है। बरामद की गई चेन उन्होंने संजय नगर, राजनगर और कविनगर आदि से लूटी हैं। शौकत पुराना स्नैचर है और मेरठ से जेल जा चुका है। पवन डिप्लोमा इन डेंटल मैकेनिज्म (डीडीएम) के सेकेंड ईयर का छात्र है। वह बीते तीन माह से स्नैचिंग कर रहा है।

सुभारती यूनिवर्सिटी का छात्र है पवन
पुलिस जांच में सामने आया है कि पवन मेरठ की सुभारती यूनिवर्सिटी में डीडीएम का छात्र है। उसके पिता मेरठ में हार्डवेयर शाप चलाते हैं। उसके दो भाई इंजीनियर हैं। करीब तीन माह पहले उसका बाइक से एक्सीडेंट हो गया था।

इस दौरान उसकी डीडीएम की परीक्षा भी छूट गई थी। नौकरी नहीं लगने से परेशान होकर उसने जल्द पैसे कमाने का लालच आया। इस दौरान उसकी पहचान मेरठ निवासी अशोक नामक युवक से हुई, जो शौकत के एक साथी स्नैचर रविंद्र का दोस्त था। उसने पवन की पहचान शौकत से कराई, जिसके बाद दोनों गिरोह बनाकर स्नैचिंग करने लगे।

नए लड़कों की बाइक पर करते थे स्नैचिंग
शौकत ने बताया कि वह अपने गिरोह में उन नए लड़कों को जोड़ते थे, जिनके पास अपनी बाइक होती थी। कालेज स्टूडेंट्स को रुपये कमाने का लालच देकर वह उनकी बाइक पर ही घटना को अंजाम देते थे। इससे पुलिस चेकिंग में स्टूडेंट के जरिए आसानी से बच सकें।

रोज मेरठ से आकर करते थे वारदात
इतना ही नहीं रोज मेरठ से आकर गाजियाबाद में स्नैचिंग करते थे। मेरठ में ही अपने मोबाइल से सिम निकालकर अलग कर लेते थे ताकि पुलिस उन्हें ट्रेस नहीं कर सके।
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