सारा हत्याकांड में शुक्रवार को गवाह के न आने से केस की सुनवाई टल गई। वहीं दूसरी ओर विधायक अमनमणि त्रिपाठी पर एक गंभीर आरोप लगता है जिसके चलते उन्हें कल ही जेल जाना पड़ा।
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- फोटो : पप्पू नेहरा/अमर उजाला
गौरतलब है कि विधायक अमनमणि त्रिपाठी पर साक्ष्य मिटाने की एक धारा बढ़ाए जाने के चलते उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हालांकि देर शाम उन्हें पांच लाख के निजी बेल बांड पर रिहा कर दिया गया। सुनवाई के लिए सीबीआई विशेष न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद ने 26 मई की तारीख नियत की है। सीबीआई लोक अभियोजक कुलदीप पुष्कर के अनुसार सारा हत्याकांड में आरोपी विधायक के खिलाफ 16 मई को चार्जफ्रेम की कार्रवाई की गई थी।
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आज कोर्ट में सारा सिंह की मां सीमा सिंह को गवाही के लिए पहुंचना था मगर किसी कारणवश वह नहीं आ सकीं। कुलदीप पुष्कर ने बताया कि सीबीआई ने अमनमणि त्रिपाठी के खिलाफ साक्ष्य मिटाने संबंधी आईपीसी की धारा-201 बढ़ा दी थी।
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- फोटो : पप्पू नेहरा/अमर उजाला
अमनमणि को पूर्व में 498ए, 302 और 120बी के तहत जमानत मिली थी। अब धारा-201 बढ़ाए जाने के चलते कोर्ट के आदेश पर अमनमणि को हिरासत में ले लिया गया। अमनमणि त्रिपाठी के अधिवक्ता साई गिरधर ने बताया कि बढ़ाई गई धारा में की एवज में उन्होंने कोर्ट में जमानत अर्जी पेश की।
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अमनमणि
- फोटो : amar ujala
इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने आरोपी विधायक को पांच लाख के निजी बेल बांड पेश करने पर जमानत दे दी। डिफेंस के अधिवक्ता ने बताया कि गवाह के न आने से कोर्ट में आज कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष ने सारा हत्याकांड प्रकरण में 140 गवाहों की सूची कोर्ट में पेश की है।
बता दें कि 9 जुलाई 2015 को अमनमणि त्रिपाठी अपनी पत्नी सारा के साथ कार में सवार होकर लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे। फिरोजाबाद के बाद सारा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसकी मौत का कारण कार का पलटना बताया गया था। सारा के सिर और सीने में चोट आई थीं, जबकि उसके ही बराबर में बैठे अमनमणि को खरोंच तक नहीं आई थी।