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कोड वर्ड: तेवतिया को ‘ठेकेदार’ और गनर को कहते थे ‘लेबर’

Sun, 04 Sep 2016 12:51 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया हमला प्रकरण में रिमांड पर लिए मनीष और बब्बल ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमलावर आपस में कोड वर्ड में बात करते थे, ताकि पुलिस सर्विलांस से भी हमले के बारे में पता न कर सके। तेवतिया को वह ‘ठेकेदार’ कहते थे, गनर को ‘लेबर’।
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असलहों को सामान और पजेरो को पी या बड़ी गाड़ी कहते थे। इसी तरह एके 47 को ‘मां तुझे सलाम’ कहते थे।हमले से पहले रेकी कर रहे राम ने मनीष को फोन पर कहा था कि ‘ठेकेदार लेबर के साथ जा रहा है...सामान लेकर आ जाओ।’ 8 जुलाई से लेकर 11 अगस्त के बीच हमलावरों की आपस में इन्हीं कोड वर्ड से बात होती थी।

इसके अलावा यह भी खुलासा किया है कि वारदात में इस्तेमाल कारबाइन से पिछले साल मनीष की शादी में हर्ष फायरिंग की थी जबकि पिस्टल से करीब छह माह पहले एक सगाई समारोह में हवाई फायरिंग की थी। दूसरी तरफ, तेवतिया पर हमले के बाद घर गए मनीष के आरोपी दोस्त निशांत से उसके परिजनों का झगड़ा भी हुआ था।
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उन्होंने एतराज जताया था कि वह हमले में शामिल क्यों हुआ। बता दें कि 11 अगस्त को मुरादनगर में रावली रोड पर टेलीफोन एक्सचेंज के सामने भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया के काफिले पर एके 47 से गोलियां बरसाईं गईं थीं, जिसमें ब्रजपाल तेवतिया समेत सात लोग घायल हो गए थे। शुक्रवार को मनीष और बब्बल को 14 घंटे के लिए पुलिस ने रिमांड पर लिया था।

पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मनोज की भी घेराबंदी की हुई है, जल्द ही उसकी भी गिरफ्तारी हो सकती है।

पांच आरोपियों के एनबीडब्ल्यूजारी
तेवतिया प्रकरण में फरार चल रहे छह आरोपियों के एनबीडब्ल्यू जारी हो गए हैं। मुरादनगर एसओ सुबोध सक्सेना ने बताया कि मनोज, विक्की, बिट्टू, पहलवान और शेखर के एनबीडब्ल्यू जारी हुए हैं। सोमवार को पुलिस कुर्की के लिए 82 की एप्लीकेशन लगाएगी।

मिट्टी में फंस गई थी, इसलिए छोड़ी थी कार
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मिट्टी में फंसने की वजह से फॉर्च्यूनर कार रास्ते में ही छोड़ दी थी। उन्हें लगा था कि पुलिसकर्मी मोटरसाइकिल से उनका पीछा कर रहे हैं। वे कुछ देर पेड़ों के पीछे छिपे रहे थे, इसके बाद खेतों में होकर भाग गए थे।
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