फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर जानलेवा हमला प्रकरणः हमलावरों की तलाश में छह राज्यों में दबिश

Sun, 14 Aug 2016 12:55 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
विज्ञापन
अपराध - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया के हमलावरों का पुलिस 53 घंटे बाद भी सुराग नहीं लगा सकी है। छह संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मनोज और शेखर की तलाश में छह राज्यों में पुलिस की नौ टीमें दबिश दे रही हैं।
विज्ञापन


पुलिस कई एंगलों पर जांच कर रही है। मनोज और शेखर की गिरफ्तारी के बाद वारदात के पीछे की सच्चाई से पर्दा उठने की उम्मीद है। एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि पुलिस जल्द ही दोनों को दबोच लेगी।

जिस फॉर्च्यूनर कार से हमला किया गया था, वह 8 जून को गुड़गांव से चुराई गई थी। सुरागकशी के लिए एक टीम गुड़गांव गई है, इसके अलावा पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, वेस्ट यूपी और दिल्ली में दबिश दे रही हैं।
विज्ञापन


हमलावरों से बरामद एके-47 आगरा या लखनऊ फोरेंसिक जांच के लिए भेजी जाएगी। बता दें कि बृहस्पतिवार शाम करीब सवा सात बजे मुरादनगर में कार सवार बदमाशों ने भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया समेत सात लोग गोली लगने से घायल हो गए थे। नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में तेवतिया का इलाज चल रहा है।

एक करोड़ तक की सुपारी...महीनों की तैयारी

भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर कातिलाना हमला फुल प्रूफ तैयारी के साथ किया गया था। इसके पीछे महीनों की रेकी थी। तफ्तीश कर रहे पुलिसकर्मियों की मानें तो शूटरों को सुपारी भी 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक दी गई होगी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमले के पीछे मुजफ्फरनगर और बागपत के शूटरों के नाम आ रहे हैं, जो भूमिगत हो गए हैं। उनकी तलाश में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में दबिश दी जा रही है। साथ ही यह भी बातें जांच में तैर रही हैं कि इतने बड़े हमले में करोड़ों रुपये खर्च हुए होंगे।

दो-चार दिन में साजिश नहीं रची गई होगी, महीनों की रेकी के बाद वारदात की गई होगी। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक अगर मनोज और शेखर को साजिशकर्ता मान भी लिया जाए तो हमले के पीछे उनके अलावा भी कोई और है, जिसकी भूमिका बेहद खास रही है।

यह बातें भी छानबीन में प्रकाश में रही हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल ज्यादा फोकस मनोज और शेखर की तलाश पर कर रही है, इनकी गिरफ्तारी के बाद परत दर परत खुलने की उम्मीद लगाए है। अभी तक की छानबीन में जो बातें आ रही हैं, उनमें वारदात के पीछे रंजिश के अलावा मुख्य वजह प्रॉपर्टी की भी सामने आ रही है।

दरअसल, मनोज की रंजिश करीब 17 साल से चल रही है। राकेश हसनपुरिया का एनकाउंटर हुए भी 12 साल से ज्यादा हो चुके हैं। उसकी हिरासत में ली गई पत्नी से भी पुलिस अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा सकी है। शेखर की सीधे कोई रंजिश ब्रजपाल तेवतिया से नहीं है।

ऐसे में सिर्फ इन्हीं रंजिशों का वारदात के पीछे होने से पुलिसकर्मी भी इत्तेफाक नहीं रख रहे हैं। उनका मानना है कि अनिल दुजाना गैंग भी शक के दायरे में है। दरअसल, 100 बीघा जमीन को अधिग्रहीत करने के मामले में तेवतिया ने बिल्डर का साथ दिया था जबकि दुजाना के लोग बिल्डर के खिलाफ हैं।

यह भी हो सकता है कि तेवतिया के सारे दुश्मन दोस्त बन गए और उन्होंने मिलकर साजिश रची और वारदात कराई। एसएसपी भी इससे इत्तेफाक रखते हैं कि हमले के पीछे कोई एक ग्रुप नहीं है बल्कि कई ग्रुप हैं, जिन्होंने वारदात कराई।

तीन दिन में पुलिस ने खंगाल डाली 20 हजार फोन कॉल्स
हमलावरों और साजिश रचने वालों की तलाश में पुलिस टीमें तीन दिनों 20 हजार से ज्यादा फोन कॉल्स खंगाल चुकी हैं। जो संदिग्ध मोबाइल और लैंड लाइन नंबर खंगाले गए हैं, वह मुरादनगर, मोदीनगर और गाजियाबाद के हैं।

छानबीन में मनोज की आखिरी लोकेशन जयपुर आई थी, मगर बृहस्पतिवार से उसका मोबाइल बंद है, उसके बाद की लोकेशन पुलिस को नहीं मिल पा रही है। ऐसा ही कुछ शेखर के साथ हो रहा है। फोन बंद होने के कारण पुलिस को उसकी भी पुख्ता लोकेशन नहीं मिल पा रही है।

बैग से मिल सकता है सुराग
 पुलिस को बदमाशों का हथियारों से भरा जो बैग मिला था, उससे भी पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है। हालांकि पुलिस अभी उस दिशा में ज्यादा काम नहीं कर रही है। दरअसल, नीले और पीले रंग के जिस बैग में बदमाश हथियार छोड़ गए, वह नया है।

यानी हाल ही में उसे खरीदा गया होगा। इस तरह के बैग बेचने वाली गाजियाबाद 8-10 दुकानें हैं, इसी तरह मेरठ में स्पोर्ट्स की दुकानों पर ऐसे बैग बेचे जाते हैं। छानबीन करने पर पुलिस को कहीं सीसीटीवी फुटेज में बैग खरीदने वाले दिख सकते हैं और अहम सुराग हाथ लग सकता है।


आज या कल हटाया जा सकता है वेंटिलेटर: महेश शर्मा
 फोर्टिस अस्पताल में भर्ती भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन चिंताजनक है। अभी वे आईसीयू पर वेंटिलेटर पर हैं। हालांकि, परिवार के लोगों का कहना है कि पहले से उनकी स्थिति में सुधार आया है। इसेे हम सकारात्मक मानकर चले रहे हैं।

शनिवार की रात करीब 8 बजे अस्पताल प्रबंधक ने ब्रजपाल का मेडिकल बुलेटिन जारी किया। डॉक्टरों का कहना है शुक्रवार की स्थिति से कोई खास सुधार नहीं आया है। शरीर में कई गोलियां लगने से सर्जरी की गई हैं। हाथ की नसों को दोबारा से जोड़ा गया है।

वही, देर शाम ब्रजपाल को देखने पहुंचे केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने मीडिया से कहा कि हालत अभी जस की तस है, लेकिन उनकी हालत में रविवार तक सुधार आ सकता है। उम्मीद है कि रविवार शाम या सोमवार तक वेंटिलेटर को हटा दिया जाएगा।

हाथ में गोली लगने के बाद खतरा बना हुआ था, लेकिन डॉक्टरों ने हाथ को भी बचा लिया है। खून जो लगातार बह रहा था उसे रोकने में भी कामयाबी मिल गई है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री से घटना के दिन भी बात की थी और हर रोज वह मुख्यमंत्री से बात करके मामले में कार्रवाई की जानकारी ले रहे हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था पर भी मुख्यमंत्री से उन्होंने बात की है।

भाजपा के मीडिया प्रभारी नीरज गोयल ने बताया कि ब्रजपाल तेवतिया के साथ फोर्टिस में भर्ती दो गनर अशोक और रामपाल को भी अभी आईसीयू में रखा गया है। रामपाल की आंख में गोली लगी थी इसलिए उसकी एक आंख को निकाल दिया गया है।

वहीं अशोक की रीढ में गोली फंसी हुई है। रविवार को उसका ऑपरेशन किया जाएगा। इस ऑपरेशन के लिए बाहर से विशेषज्ञ आएंगे। उधर गाजियाबाद के सर्वोदय अस्पताल में भर्ती तीनों घायलों की हालत में सुधार आया है। शनिवार को तीनों को आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

यूपी में कानून व्यवस्था हुई फेल : अनुराधा
 नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल में दोपहर करीब 12 बजे भाजपा नेता अनुराधा चौधरी पहुंची और उन्होंने परिजनों से तेवतिया का हालचाल पूछा। उन्होंने परिजनाें को हिम्मत बंधाते हुए कहा कि वह पार्टी आलाकमान से इस घटना के बारे में बात करेंगे।

अनुराधा चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन प्रदेश सरकार कुछ नहीं कर रही है। सपा के राज में बहन-बेटियों की इज्जत लूट ली जाती है और बदमाश एके-47 से घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।  

 तेवतिया का हाल पूछने आए राजनाथ सिंह

भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया की हालत के बारे में जानकारी लेने के लिए शनिवार शाम गृहमंत्री राजनाथ सिंह फोर्टिस अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल परिसर में मौजूद कार्यकर्ताओं का हाथ उठाकर अभिवादन किया और करीब 15 मिनट तक  रुककर पीड़ित परिजनों और डॉक्टरों से बात की।

शनिवार सुबह राजनाथ के आने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन सुबह 11 बजे से मुस्तैद हो गया। गृहमंत्री के आने का समय शाम 5:30 बजे बताया गया, लेकिन वह पहुंचे शाम 7:30 बजे। अस्पताल में तेवतिया को देखने के बाद उन्होंने डॉ. वैभव से पूरी जानकारी ली और परिजनों से एकांत में वार्ता की। साथ ही, सुरक्षा को लेकर जिले के आला अफसरों से जानकारी भी ली।

उन्होंने मामले की प्रगति के बारे में भी पूछा। वे मीडिया से मुखातिब हुए बिना ही रवाना हो गए। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, विधायक विमला बाथम, पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी, पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर, सांसद प्रतिनिधि संजय बाली, क्षेत्रीय मंत्री मनोज गुप्ता, जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा व प्रवक्ता विनोद शर्मा समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे।

किसी पर नहीं शक : परिजन
भाई विकास तेवतिया ने बताया कि ब्रजपाल तेवतिया पर बदमाशों ने हमला किया है और वह घायल हुए हैं। इस मामले की रिपोर्ट उन्होंने गाजियाबाद में दर्ज कराई है। किसी पर भी शक नहीं जताया है।

अब पुलिस किसी को उठाती है या पकड़ रही है तो पुलिस का काम है। पुलिस अपनी ओर से जो कर रही है, उसी पर उन्हें विश्वास है। वह भाई के अच्छा होने की भगवान से दुआ कर रहे हैं।

परिजनों की बढ़ाई सुरक्षा
गाजियाबाद पुलिस की ओर से परिजनों के साथ एक बैठक की गई और उनकी सुरक्षा को देखते हुए फोर्स बढ़ा दी गई है। पुलिस अफसरों ने बताया कि कोई भी परिजन बाहर जाने से पहले पुलिस को बताएगा तो ही बाहर जाएगा, ताकि फोर्स उनके साथ भेजा जा सके।

‘बिना बोले ही राजनाथ बहुत कुछ कह गए’
भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया की नजदीकी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से है, यह किसी से छुपा नहीं है। यही कारण रहा कि तेवतिया जैसे ही गंभीर हालत में गाजियाबाद से नोएडा के फोर्टिस अस्पताल लाए गए तो रात में ही गृहमंत्री के पुत्र पंकज सिंह मौके पर पहुंच गए। उनके दूसरे पुत्र नीरज सिंह भी अस्पताल आकर परिजनों से मिले।

शनिवार को काफी प्रतीक्षा के बाद जब राजनाथ सिंह अस्पताल पहुंचे तो मीडिया और नेताओं को विश्वास था कि वह चिर परिचित अंदाज में कुछ न कुछ बोलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने न बोलकर यह जरूर अहसास करा दिया कि घटना को लेकर वह काफी चिंतित और गंभीर हैं।



गौतमबुद्घ नगर में एके-47 से वारदात की आशंका
 गाजियाबाद में भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हमले में एके-47 के इस्तेमाल से गाजियाबाद ही नहीं बल्कि नोएडा पुलिस की नींद भी उड़ा दी है। चूंकि यहां भी कुछ गैंग के पास इस तरह के हथियार हैं, ऐसे में  पुलिस ने आशंका जताई है कि गौतमबुद्घनगर में भी इन अत्याधुनिक हथियारों से किसी दिन बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सकता है।

 दरअसल, गौतमबुद्घनगर में कई गैंगों में गैंगवार चल रही है। इसमें गैंग के सरगना अपने दुश्मन को खत्म करने के लिए नाइन एमएम की पिस्टल नहीं, बल्कि एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पुलिस सूत्रा की मानें तो जिले में भी कुछ बदमाशों के पास ऐसे हथियार होने की सूचना मिल रही है। सूत्रों की माने तो गौतमबुद्घ नगर में तीन प्रमुख गैंग है। उनकी आड़ में करीब चार से पांच गैंग और उभर रहे हैं।

इन सभी पर एके-47 जैसे एक-दो नहीं, बल्कि कई हथियार हैं और किसी भी वारदात को अंजाम देने से पहले वह ऐसे ही हथियारों की डिमांड करते हैं। पिछले दिनों एक गैंग के सरगना को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। उसके पास से काफी मात्रा में असलहा बरामद होने पर पुलिस भी दंग रह गई थी।

आईजी ने डाला डेरा
पहले बुलंदशहर में मां-बेटी से गैंगरेप और अब भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हुए हमले से प्रदेश की पुलिस काफी दबाव में आ गई है। तेवतिया के हमलावरों का सुराग लगाने के लिए स्वयं आईजी सुजीत पांडे शनिवार सुबह से ही ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर एसटीएफ ऑफिस में डेरा डाले रहे। उन्होंने अफसरों से करीब 4-5 घंटे तक पूरे मामले की जानकारी ली और उन्हें कई दिशा-निर्देश दिए। दरअसल, आईजी तेवतिया के हमलावरों की गिरफ्तारी हर हाल में इसी सप्ताह चाहते हैं, ताकि प्रदेश सरकार और पुलिस पर दबाव कम हो सकें।

मैगजीन लोड करने के लिए लाए थे सहयोगी
ब्रजपाल तेवतिया पर जिस समय हमला किया गया। उस समय कुछ बदमाश फायरिंग कर रहे थे, जबकि उनके असिस्टेंट एके-47 मैगजीन और पिस्टल लोड करके उन्हें दे रहे थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो बदमाशों ने ऐसी योजना बनाई थी, ताकि तेवतिया के लोगों को हमले का जवाब देने का मौका ही न मिले। इसलिए प्रत्येक हमलावर ने अपने लिए एक असिस्टेंट रखा था। कई बदमाश तो दोनों हाथों से पिस्टल चलाते हुए देखे गए।

 गैंगवार में अत्याधुनिक हथियारों बेधड़क इस्तेमाल
दादरी रेलवे फाटक पर सुंदर भाटी पर हुए हमले में कारबाइन का इस्तेमाल किया गया था। वहीं अनिल दुजाना के भाई जय भगवान की हत्या के लिए भी थर्टी कारबाइन से फायरिंग की गई थी। सुंदर भाटी पर साहिबाबाद में विवाह समारोह में हुए हमले में भी एके-47 और कारबाइन से हमला किया गया था।

वहीं मुजफ्फर नगर में बदमाश रॉबिन त्यागी की हत्या में एके-47 का इस्तेमाल किया गया था। गत माह दादूपुर गांव में सपा प्रत्याशी बेवन नागर के घर पर भी एके-47 से हमला किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें