पुराने बस अड्डे के पास कैंटीन में शराब के नशे में धुत सूदखोरों ने कारपेंटर को कांच की बोतल घोंपकर मार डाला। वारदात रविवार को दिनदहाड़े तीन हजार रुपये के लेनदेन के विवाद में हुई। इस बाबत सिहानी गेट थाने में तीन लोगों के खिलाफ हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मृतक राजकुमार (25) पुत्र राम नारायण निवासी मकान नंबर 179 नई बस्ती घूकना था। वह अपने चार भाई बहनों में सबसे छोटा था। वह मछली शहर जौनपुर के मूल निवासी था। राजकुमार शास्त्रीनगर में कारपेंटर की दुकान करता था।
उसके भाई नरेंद्र ने बताया कि उन्होंने सूद पर पैसे देने वाले उमेश से तीन माह पहले तीन हजार रुपये उधार लिए थे। उमेश ने अब उन पैसों पर ब्याज लगाकर कुल नौ हजार रुपये बना दिए। उमेश लगातार उन्हें पैसे लौटाने के लिए जान से धमकी से मारने की धमकी दे रहा था।
दोपहर करीब डेढ़ बजे राजकुमार उमेश से मिलने के लिए पुराना बस अड्डा के पास शराब के ठेके की कैंटीन में पहुंचा। उमेश कैंटीन में साथी अंकुर और एक अन्य के साथ बैठकर शराब पी रहा था। राजकुमार ने उमेश से पैसे देने के लिए थोड़े दिन की मोहलत और मांगी तो वह गाली-गलौज करने लगा।
विरोध करने पर उमेश ने बियर की बोतल उठाकर उसके सिर पर फोड़ दी। इसके बाद फूटी हुई बोतल उसने राजकुमार के सीने में घोंप दी, बचाव में राजकुमार का दायां हाथ भी जख्मी हो गया। उमेश और उसके साथियों ने नरेंद्र को फोन कर वारदात की जानकारी देते हुए कहा कि हमने तेरे भाई में बोतल घोंप दी है।
रेंद्र घटनास्थल पर पहुंचा तो राजकुमार घायल अवस्था में पड़ा था और तीनों आरोपी वहीं मौजूद थे। नरेंद्र भाई को लेकर पहले संतोष अस्पताल गया, जहां से उसे एमएमजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
नरेंद्र ने उमेश निवासी घूकना, मूल निवासी बागपत, अंकुर और एक अन्य के खिलाफ सिहानी गेट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। एसएचओ सिहानी गेट ने बताया कि उमेश और अंकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि उनका साथी भागा हुआ है, जिसकी तलाश की जा रही है।
फोन कर राजकुमार को बुलाया था सूदखोरों ने
सूदखोरों ने पहले नरेंद्र को फोन किया था। नरेंद्र ने राजकुमार को इसकी जानकारी दी तो राजकुमार ने उनसे बात की। राजकुमार को उन्होंने फोन करके कैंटीन बुलाया था। दूसरी तरफ, परिजनों ने बताया कि राजकुमार बुखार के कारण दो माह से घर पर था। रविवार को ही उसकी तबियत में सुधार हुआ था।