बुलंदशहर गैंगरेप पीड़ित परिवार के घर का ताला तोड़कर चोरों ने हजारों का सामान चोरी कर लिया। परिवार ने चोरी में किसी जानकार पर शक जताया है।पीड़ित परिवार के अनुसार बीते मंगलवार शाम वह एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। बेटी और एक महिला रिश्तेदार घर में ही ही सो रही थीं। रात करीब 12 बजे एक युवक कमरे में घुस आया।
खटपट की आवाज सुनकर अचानक उनकी बेटी जाग गई तो युवक भाग गया। बेटी ने लाइट जलाई तो उसका टैबलेट, कुछ घरेलू सामान और स्कूल बैग गायब था। उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की है। परिजनों ने बताया कि सुबह बेटी का स्कूल बैग पड़ोस के मकान की छत पर मिला।
पीड़ित परिवार के मुखिया ने बताया कि उन्हें शक है कि चोर किसी और उद्देश्य से ही उनके घर में घुसा था। घटना के पीछे कोई जानकार हो सकता है। सीओ इंदिरापुरम ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर चोरों की तलाश की जा रही है।
- होता कांस्टेबल तो न होती चोरी
घटना के बाद से ही परिवार की सुरक्षा को देखते हुए पीड़ित परिवार के घर के बाहर एक पुलिस कांस्टेबल को तैनात किया गया था। परिवार का आरोप है कि डेढ़ माह से कोई कांस्टेबल वहां तैनात नहीं है। सीओ ने बताया कि चुनाव ड्यूृटी के चलते स्टाफ की कमी है। इसके चलते कांस्टेबल को हटाकर गश्त करवाई जा रही है।
स्टाफ के लौटते ही दोबारा कांस्टेबल तैनात कर दिया जाएगा।
- नहीं मिला फ्लैट, अगले साल केंद्रीय विद्यालय में पढ़ेगी बेटी
पीड़ित परिवार के मुखिया ने बताया कि सरकार ने घटना के बाद उन्हें फ्लैट देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक फ्लैट नहीं मिला है। हज हाउस के पास जो फ्लैट आवंटित किए गए थे उसे बदलने की मांग की गई थी। अभी तक कोई निर्णय इस पर नहीं हुआ है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनकी बेटी की पढ़ाई अगले साल से केंद्रीय विद्यालय में होगी।
वह जहां तक पढ़ना चाहेगी, सरकार उसे पढ़ाएगी। गौरतलब है कि घटना के बाद परिवार को गाजियाबाद व बुलंदशहर प्रशासन और डीजीपी ने कुल 21 लाख रुपये मुुआवजा दिया था। चोरी की घटना के बाद से बेटी थोड़ी टेंशन में आ गई है।