राजनगर में एसी में ब्लास्ट से हुए अग्निकांड मामले में बिल्डिंग मालिक राधेश्याम, उसके बेटे रजनीश और इंडियामार्ट कंपनी के ब्रांच मैनेजर अभिषेक मेहता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पहली एफआईआर राजनगर सेक्टर-9 चौकी इंचार्ज ने तो दूसरी मृतक रितम की मां रत्ना द्विवेदी ने कराई है।
एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि आवासीय इलाके में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इसके लिए जीडीए ने चालान भी किया था। बावजूद इसके बिल्डिंग में व्यावसायिक गतिविधियां जारी थीं।
एसएचओ ने बताया कि बिल्डिंग में सुरक्षा के प्रबंध नहीं थे, फिर भी इंडियामार्ट की ओर से यहां पर ऑफिस लेकर काम किया जा रहा था। ब्रांच मैनेजर पर कंपनी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतने और बिल्डिंग मालिक और उसके बेटे पर आवासीय भवन को व्यावसायिक बनाकर काम कराने का आरोप है।
हादसे में मारे गए रितम की मां रत्ना द्विवेदी ने एफआईआर में लिखा है कि इंडियामार्ट ऑफिस में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। रितम कहता था कि ‘मम्मी..इंडियामार्ट ऑफिस की बिल्डिंग सेफ नहीं है।’ ब्रांच मैनेजर और अन्य अधिकारियों से ऑफिस बिल्डिंग में खतरे का अंदेशा जताकर उसने ऑफिस को शिफ्ट करने के लिए भी कहा था।
जीडीए के सचिव रविंद्र गोडबोले ने मंगलवार को बताया कि अरबन डेवलपमेंट एक्ट के तहत इस भवन के मालिक खिलाफ चालान काटा गया था और इस मामले में सुनवाई चल रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जीडीए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करेगा। बता दें कि इस हादसे में इंडियामार्ट के चार मैनेजर समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।