एक तरफ यूपी पुलिस सूचना के 20 मिनट में मौके पर पहुंचने की दावा कर रही है, वहीं पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचना तक मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। ऐसा ही एक वाकया हरसांव में बुधवार तड़के सामने आया, जब डेयरी से चार भैंसें चोरी होने की सूचना कंट्रोल रूम में दी गई, तो उधर से पुलिसकर्मी ने जवाब दिया कि सुबह जाके थाने में रिपोर्ट लिखा देना और फोन काट दिया।
नीलम सिंह यादव दो बेटों और पत्नी के साथ हरसांव गांव में रहते हैं। वह घर के एक हिस्से में डेयरी चलाते हैं। उनके पास करीब चार लाख कीमत की चार दुधारू भैंसें थीं। नीलम सिंह ने बताया कि बुधवार तड़के करीब पौने चार बजे वह भैंसों को चारा देने के लिए उठे तो देखा कि मवेशियों के कमरे का ताला टूटा हुआ था और चारों भैंसें गायब थीं।
उन्होंने शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया और आसपास तलाश की, मगर भैंसें नहीं मिलीं। इस दौरान उनके बेटे सुभाष ने तड़के करीब चार बजे 100 नंबर पर कॉल कर भैंसें चोरी होने की सूचना दी, लेकिन पुलिस ने मौके पर आने के बजाय उन्हें सुबह थाने जाकर मामला दर्ज कराने की हिदायत देकर फोन काट दिया।
सुबह उन्होंने कविनगर थाने में तहरीर दी। इस संबंध में कविनगर एसएसआई महिपाल सिंह ने कहा कि मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।