ज्ञानी बॉर्डर पर पार्किंग का ठेका चलाने वाले निगम ठेकेदार की शनिवार शाम पुलिस कस्टडी में हालत बिगड़ गई। आरोप है कि एएसपी ऑफिस में उसके और उसके साथी के साथ मारपीट की गई।
तबियत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे अंबे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। एएसपी ने मारपीट के आरोपों को गलत बताते हुए ठेकेदार को अवैध उगाही के आरोपों में हिरासत में लेने की बात कही है।
साहिबाबाद निवासी सतीश ने ज्ञानी बॉर्डर स्थित पार्किंग का ठेका नगर निगम से लिया है। सतीश के अनुसार, उन्होंने यह पार्किंग कुछ युवकों को चलाने को दी है। शनिवार को सतीश को एएसपी ऑफिस में मिलने बुलाया गया था।
आरोप है क एएसपी ऑफिस में सतीश और उसके साथ गए राशिद के साथ पुलिस ने दोनों को मुर्गा बनाकर पीटा। इसके बाद उन्हें थाने भेज दिया गया। शाम करीब छह बजे सतीश की हालत बिगड़ गई और वह थाने में बेहोश हो गए।
उसे लाजपत नगर के अंबे अस्पताल में भर्ती कराया गया। सतीश के परिजनों ने बताया कि सतीश की कमर और हाथों में डंडे से पीटा गया है। एएसपी अनूप सिंह ने बताया कि सतीश की पिटाई नहीं की गई है।
उस पर ऑटो चालकों से अवैध वसूली करने का आरोप है, जिस कारण उसे हिरासत में लिया गया था। इस दौरान उसका बीपी हाई हो गया और उसकी तबियत बिगड़ गई थी।
तबियत बिगड़ते ही परिजनों की सुपुर्दगी में देकर निकल गए पुलिसकर्मी
सतीश की तबियत बिगड़ने की सूचना फैलते ही एसएचओ साहिबाबाद समेत कई पुलिसकर्मी आनन-फानन में अंबे अस्पताल सतीश का हाल जानने पहुंचे। उनकी तबियत अधिक खराब होने के बाद पुलिस ने दो परिजनों के आईडी प्रूफ मंगवाकर तुरंत उसे छोड़ दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि बिना किसी शिकायत पर पुलिस ने सतीश पर कार्रवाई की है। साथ ही झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी एएसपी ऑफिस से मिली है। परिजन रविवार को मामले की शिकायत एसएसपी और अन्य आला अधिकारियों से करेंगे। उधर, देर रात सतीश पर अवैध वसूली के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।