एनएच-24 पर नोएडा के परचून व्यापारी राजीव के दो कलेक्शन एजेंटों से हुई 2.04 लाख रुपये लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ऐश करने के लिए वारदात की साजिश कलेक्शन एजेंट जॉनी ने मौसेरे भाई दिवेश के साथ मिलकर रची थी। दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनसे लूटी गई रकम में से 1.05 लाख रुपये और देसी पिस्टल बरामद करली।
एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि जॉनी और दिवेश बिजनौर के बेगराजपुर के रहने वाले हैं। जॉनी छपरौला निवासी परचून कारोबारी राजीव का कलेक्शन एजेंट है। दिवेश उसका मौसेरा भाई है। दिवेश नोएडा में सिक्योरिटी गार्ड है और खोड़ा में किराए पर रहता है।
जॉनी 10 मई को दूसरे कलेक्शन एजेंट सोनू के साथ नोएडा से 2.05 लाख रुपये कलेक्शन अमाउंट लेकर स्कूटी पर लौट रहा था। प्लानिंग के तहत शाम साढे़ छह बजे दिवेश दो साथियों साबिर और दीपक के साथ बाइक पर आया। लालकुआं पर पिस्टल के बल पर सोनू और जॉनी से स्कूटी समेत कैश लूट लिया।
सूचना सोनू ने कंट्रोल रूम में दी थी। एसपी सिटी ने बताया कि मामले की जांच में जॉनी और सोनू के बयानों में अंतर पाया गया। जॉनी संदिग्ध लगा, उसकी कॉल डिटेल खंगालने पर दिवेश के बारे में जानकारी हुई। सख्ती से पूछताछ करने पर जॉनी ने बताया कि उसने ही वारदात की प्लानिंग कर ऐश के लिए मालिक का कैश मौसेरे भाई और उसके दो साथियों से लुटवाया था।
एसएचओ कोतवाली धीरेंद्र सिंह ने बताया कि दिवेश फरार आरोपी दीपक निवासी बिजनौर का दोस्त है। दीपक की दोस्ती नोएडा निवासी साबिर से थी। तीनों सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी करते हैं। दीपक सिक्योरिटी इंचार्ज है, जबकि दिवेश और साबिर सिक्योरिटी गार्ड हैं। तीनों ने खोड़ा में पैसों का बंटवारा किया था। दिवेश को जॉनी के हिस्से के भी 50 हजार रुपये दीपक और साबिर ने दे दिए थे।
इसके बाद दीपक और दिवेश बिजनौर भाग गए थे। दिवेश लूट के हिस्से की रकम जॉनी को देने शुक्रवार सुबह नया बस अड्डा के पास आया था, वहां से दोनों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों दसवीं फेल हैं।
इन बातों से हुआ था पुलिस को जॉनी पर शक
- 100 सीसी की बाइक पर तीन लुटेरों ने पीछा कर कैसे 125 सीसी स्कूटी सवारों से लूट की?
- लुटेरों के पीछा करने की शिकायत पुलिस से क्यों नहीं की ?
- लुटेरों का विरोध करने के बजाय जॉनी ने उन्हें चाभी क्यों दे दी?