अतिक्रमण हटाने के अभियान के बाद अब प्रशासन की निगाह कालोनियों में लगाए गए अवैध मोबाइल टावरों पर घूम गई है। इसके चलते मोबाइल कंपनियों द्वारा मानक के विपरीत लगाए गए टावरों को हटाया जाएगा।
मोबाइल टावर पर विशेष नीति तैयार करने के लिए जिला प्रशासन ने जीडीए और नगर निगम के साथ वार्ता की है। एडीएम (प्रशासन) ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि घरों और स्कूल की छतों पर लगे मोबाइल टावरों की जानकारी बीएसएनएल से मांगी गई है। बीएसएनएल के एजीएम (प्लानर) सुबोध त्यागी से टावर लगाने के मानकों की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
शिकायतें मिली हैं कि शहर में नियमों को ताक पर रखकर आवासीय इलाकों में मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। इनके खिलाफ जिला प्रशासन सख्त कदम उठाएगा।एक अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 400 मोबाइल टावर हैं, लेकिन इसकी जानकारी जीडीए और नगर निगम को नहीं है। दोनों ही विभाग यह नहीं बता सके कि किसकी अनुमति से टावर लगाए गए हैं। हैरत की बता यह है कि निजी टेलीकॉम कंपनियां बगैर अनुमति ही टावर लगा रही हैं।