पांच शहरों में आयकर विभाग की छापामारी में बड़ी सफलता हाथ लगी है। चीफ इंजीनियर, पूर्व चीफ इंजीनियर और ठेकेदार के 10 से अधिक ठिकानों से 73 लाख रुपये की नकद और 59 लाख की ज्वैलरी बरामद की गई है। मेरठ में तैनात सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर सुधीर कुमार शर्मा के फ्लैट से 10 लाख की नकदी और 59 लाख की ज्वैलरी को सीज की गई है जबकि वसुंधरा निवासी सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर पुष्पेंद्र कुमार गोयल के घर से भी आठ लाख रुपये बरामद हुए हैं।
उधर, मेरठ निवासी ठेकेदार अजय चौधरी व उससे जुड़ी कंपनियों के ठिकानों से 55 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है।शुक्रवार सुबह 6 बजे शुरू की गई कार्रवाई शनिवार दोपहर तक जारी रही। मैराथन कार्रवाई के बाद लौटी टीमों ने अपनी रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर आयकर कार्यालय गाजियाबाद ने छापामारी के दौरान 73 लाख की नकदी और 59 लाख की ज्वैलरी बरामद किए जाने की पुष्टि की है।
इस बीच बैंक लॉकर, खाते और जब्त किए गए प्रॉपर्टी व टेंडर से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच जारी है। बताया गया है कि चीफ इंजीनियर सुधीर कुमार के नोएडा सेक्टर-93 और पार्श्वनाथ अपार्टमेंट टावर-3 स्थित फ्लैट से करीब 12 लाख रुपये की नकदी और अलमारियों से करीब 59 लाख मूल्य की ज्वैलरी मिली।
इस दौरान मौके पर उनका परिवार टीम को करीब दो लाख रुपये का ही हिसाब-किताब दे पाया। ऐसे में शेष 10 लाख रुपये और समस्त ज्वैलरी जब्त कर सील कर दी गई। वहीं, मौके से मिले प्रॉपर्टी के कागजात को भी जांच के लिए जब्त कर लिया गया।
उधर, वसुंधरा में पूर्व चीफ इंजीनियर पुष्पेंद्र कुमार गोयल के सेक्टर -15 स्थित आवास और सेक्टर-12 स्थित पीके इंफ्रा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से 8 लाख का कैश बरामद हुआ जबकि बैंक के लॉकर, प्रॉपर्टी व टेंडर से जुड़े कुछ कागजात मिले हैं, जिनकी छानबीन जारी है।
उधर, मेरठ में ठेकेदार अजय कुमार चौधरी व उनके भाइयों की कंपनियों से 55.50 लाख रुपये से अधिक की नकदी मिली है। इसके अलावा बैंक खातों, लॉकर को सील कर दिया गया है, जिनकी जांच आगे की जाएगी। इसके साथ ही करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी के कागजात और टेंडर से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज भी मिले हैं।
आयकर में इंवेस्टिगेशन विंग के डिप्टी डायरेक्टर सुनील कुमार का कहना है कि अब तक की जांच में 73 लाख से अधिक की नकद धनराशि और ज्वैलरी जब्त कर सील की गई है। ज्वैलरी की कीमत करीब 59 लाख से अधिक की आंकी गई है। अब बाकी दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच जारी है।