आगरा ट्रैफिक पुलिस के दो सिपाही राघवेंद्र सिंह और भारत मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर नोएडा के व्यापारी से 80 लाख रुपये के पुराने नोट ठग लिए। वह एक दिसंबर को इन्हें जमा कराने के लिए कानपुर जा रहा था। नीली बत्ती की गाड़ी से पहुंचे सिपाहियों ने फीरोजाबाद में उसे रोक लिया और छापामारी का ड्रामा कर उससे पूरी रकम लेकर चले गए। व्यापारी की शिकायत पर एसएसपी ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है। उनके खिलाफ जांच के आदेश भी दे दिए हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि व्यापारी ने कानपुर के एक बड़े बैंक में सेटिंग की थी। वह नोट जमा कराने के लिए कार से जा रहा था। इसकी सूचना किसी तरह सिपाहियों तक पहुंच गई। दोनों सिपाही गाड़ी पर नीली बत्ती लगाकर फीरोजाबाद के शिकोहाबाद पहुंच गए। व्यापारी की गाड़ी देखते ही उसे रुकवा लिया। उससे सवाल जवाब किए। उसे बताया कि यह ईडी का छापा है।
उससे 80 लाख का हिसाब मांगा, तो उसके होश उड़ गए। उससे कह दिया कि पूरी रकम जब्त कर ली गई है। इसका पूरा हिसाब लेकर ईडी के नोएडा ऑफिस में आ जाना। व्यापारी ने बाद में ईडी में मालूम किया तो पता चला कि ऐसा कोई छापा नहीं डाला गया, न ही रकम जमा की गई है।
इसके बाद उसने आगरा के एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह से शिकायत की। उन्होंने उससे केस दर्ज कराने के लिए कहा। लेकिन व्यापारी ने मना कर दिया। हालांकि शिकायत के आधार पर एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया। एसएसपी ने दोनों के निलंबन और उनके खिलाफ जांच कराए जाने की पुष्टि की है।