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फिरौती के लिए अपहरण करने वाले पांच गिरफ्तार

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फिरौती के लिए अपहरण करने वाले पांच गिरफ्तार
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गाजियाबाद। पांच अपराधियों ने बच्चे का अपहरण किया, परिवार से फिरौती भी ले ली, मामला लभगग खत्म हो चुका था, लेकिन अपराधियों द्वारा बच्चे की मां को फोन करके संपर्क बनाए रखना, मिलते- जुलते रहना कहना भारी पड़ गया। पुलिस ने अपहरण करने वाले पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से आठ लाख रुपये, तीन तमंचे, एक बाइक, एक कार सहित कई सामान बरामद किए गए हैं। पहले परिजन फिरौती और अपहरण की घटना से इनकार करते रहे। फिरौती लेने और छात्र को छोड़ने के बाद भी आरोपियों ने पीड़ित परिवार से संपर्क बनाए रखा। मामला आगे बढ़ता देख पीड़ित परिवार ने पुलिस को जानकारी दी।
राजनगर निवासी अमित अरोरा का पुत्र मौर्य आरोरा 13 वर्ष एक निजी स्कूल में कक्षा सात का छात्र है। 10 फरवरी की शाम करीब सात बजे वह घर से स्कूल से संबंधित कुछ सामान लेने के लिए स्टेशनरी की दुकान पर गया था। एक दुकान पर नक्शा न मिलने पर वह दूसरी स्टेशनरी गया। यहां से नक्शा खरीदने के बाद वह पैदल की घर की तरफ जा रहा था। इसी दौरान कार सवार बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। परिजनों ने उसके गायब होने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस लगातार उनके संपर्क में रही। 13 फरवरी को अमित अरोरा की पत्नी नेहा अरोरा के नंबर पर कॉल आई। इस दौरान आरोपी ने बताया कि उनके बेटे का उन्होंने अपहरण कर लिया है। उन्हें दो करोड़ रुपये चाहिए, नहीं तो वह उसकी हत्या कर देंगे। इस फोन के बाद पूरा परिवार डर गया और उन्होंने दस लाख रुपये का इंतजाम करके दे दिया। 14 फरवरी की रात को नेहा ने अक्षर धाम मंदिर के पास रात को करीब ढाई बजे उन्हें 10 लाख रुपये दे दिए। चार बजे भोर में अमित अरोरा को उनका बेटा नोएडा स्थिति एक स्कूल के पास सौंप दिया गया। पुलिस को उन्होंने सूचना दी कि बेटा अपने आप घर पहुंच गया। इसके बाद पुलिस ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
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- 15 फरवरी की कॉल ने खोला राज
एसपी सिटी ने बताया कि 15 फरवरी को उक्त बदमाशों ने फिर से नेहा के नंबर पर कॉल किया और कहा कि हम लगातार आपके संपर्क में रहेंगे... हम आप से मिलते जुलत रहेंगे। इस कॉल से परिवार डर गया। उन्होंने तत्काल पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इससे पहले पुलिस को फिरौती के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। सूचना के बाद क्राइम ब्रांच और कविनगर थाना पुलिस को आरोपियों की धर पकड़ के लिए लगाया। पुलिस टीम ने शुक्रवार को हापुड़ चुंगी के पास से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने अपना नाम प्रमोद कुमार जैन निवासी पचवान कालोनी आवास विकास जनपद फिरोजाबाद, प्रदीप उर्फ दीपू, पवन कुमार निवासी जवाहर मोहल्ला पडपडगंज थाना पांडव नगर दिल्ली, प्रमोद यादव, सोनू कुमार निवासी नंदग्राम थाना सिहानीगेट गाजियाबाद बताया।

- दो करोड़ से 10 लाख पर बनी बात
नेहा अरोरा ने बताया कि आरोपियों ने 13 फरवरी को कॉल करके दो करोड़ रुपये की बात कही थी। इतनी बड़ी रकम सुनकर वह तेज-तेज से रोने लगीं। आरोपियों ने उनकी रोने की आवाज सुनकर कॉल काट दी। फिर से उन्हें काल की। उन्होंने काफी आग्रह किया कि वह इतना रुपया कहां से लाकर देंगे। आरोपी रकम घटाते रहे। दो करोड़ से आकर बात 10 लाख रुपये पर बनी।

- फर्जी कॉलर ने पाकिस्तान के नंबर से मांगी थी फिरौती
नेहा ने बताया कि उनके पास इंटरनेट के माध्यम से पाकिस्तान के नंबर से भी कॉल आईं थी। उन्होंने कहा कि आपका बेटा हमारे पास हैं। उसके छोड़ने के एवज में मोटी रकम चाहिए। उस तरफ से भी दो करोड़ रुपये की मांग की गई थी। नेहा ने बताया कि उनके सामने बड़ा असमंजस था कि दो लोग अलग-अलग तरीके से बात कर रहे हैं। अब वह किसको सहीं माना जाय। कोई भी बच्चे से बात कराने को तैयार नहीं था। जो गैंग पकड़ा गया है, इसने बेटे की वीडियो बनाकर भेजी। तब उन्हें विश्वास हुआ। बेटे के घर आने के बाद तक पाकिस्तान के नंबर से कॉल आती रहीं। उसने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पुलिस ने बताया कि यह गैंग इंटरनेट को फालो करते हैं। ऐसे लोगों के पास कॉल करके रुपये एंठते हैं, जिनके बच्चे गायब हो जाते हैं। आरोपी मराठी में बात कर रहे थे।

- पहले दिन छात्र को पीटा, नहीं दिया खाना
आरोपी छात्र का अपहरण करने के बाद तिगरी स्थित एक मकान में ले गए। यहां पर एक आरोपी दीपू किराए के मकान में रहता है। छात्र को चार दिन तक यहीं पर रखा। पहले दिन छात्र की पिटाई की। उसने खाना भी नहीं दिया। उसके हाथ पैर भी बांधकर रखे। चार दिन तक उसकी आंखों पर काली पट्टी बांधकर रखी, केवल खाना देने के दौरान उसकी पट्टी खोलते थे। इस दौरान आरोपी अपने मुंह पर नकाब लगा लेते थे। खाना खिलाने के बाद फिर पट्टी बांध देते थे।
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- ऑटो- टैक्सी चलाते हैं आरोपी
पुलिस ने बताया कि पांचों आरोपी ऑटो और टैक्सी चलाते हैं। इनका पहले कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। रुपये की जरूरत होने पर घटना को अंजाम दिया था। आरोपियों ने बताया कि वह अपहरण किसी और का करने के लिए आए थे, लेकिन पॉश कालोनी होने के कारण इस बच्चे का अपहरण कर लिया। घटना का मास्टर माइंड प्रमोद जैन है।

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