सामान के रुपये मांगे तो दुकानदार पर कार चढ़ाई
गाजियाबाद। दुकान से खरीदे गए सामान के रुपये मांगे तो स्कार्पियो सवार चार रईसजादों ने दुकानदार पर अपनी लग्जरी कार चढ़ा दी। इससे पहले चारों युवकों ने उसकी बेसबॉल के बैट से पिटाई की। कार चढ़ने से दुकानदार के हाथ, गर्दन, पसलियों में कई फ्रैक्चर हुए हैं। एनएच-9 स्थित निजी अस्पताल में घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है।
मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के महानगर अध्यक्ष रविंद्र यादव के चाचा की आरटीओ कार्यालय के पास परचून की दुकान है। बुधवार को उनका चचेरा भाई कपिल दुकान पर बैठा था। इसी दौरान एक स्कार्पियो कार में सवार चार युवक आए। दिल्ली नंबर की इस कार में सवार युवकों ने कपिल की दुकान और पास लगी रेहड़ी से सामान खरीदा। सामान के रुपये मांगने पर युवकों ने पहले रेहड़ी वालों से मारपीट की और फिर रुपये मांगने पर कपिल की पिटाई करने लगे। कार सवार युवकों ने बेसबॉल के बेट से कपिल पर हमला कर दिया। अन्य ठेले-रेहड़ी दुकानदार डर से भाग गए और चारों युवकों ने कपिल को जमकर पीटा। आरोप है कि कपिल को सड़क पर गिरा कर आरोपियों ने उसके ऊपर कार चढ़ा दी। आरोपी युवक भागने लगे, तब तक मौके पर इकट्ठा हो चुके लोगों ने एक आरोपी को पकड़ लिया। उसकी पहचान महिंद्रा एंक्लेव निवासी वीरेंद्र के रूप में हुई। उसके तीन अन्य साथी कार लेकर भागने लगे। हड़बड़ाहट में आरोपियों की कार 150 मीटर आगे जाकर एक खंभे से टकरा गई। तीनों आरोपी कार को छोड़कर फरार हो गए। कपिल के भाई प्रदीप ने हत्थे चढ़े आरोपी वीरेंद्र, उसके अन्य साथी सकलीन, सचिन और एक अज्ञात युवक के खिलाफ जानलेवा हमले, मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसएचओ कविनगर राजकुमार शर्मा ने बताया कि वीरेंद्र को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपियों की कार को कब्जे में ले लिया है। कार के नंबर के आधार पर उसके मालिक और कार में सवार युवकों की जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कपिल के लिए 72 घंटे हैं बेहद चिंताजनक
पीड़ित दुकानदार भाई प्रदीप का कहना है कि कपिल के सिर में भी गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने 72 घंटे कपिल के लिए बेहद चिंताजनक बताए हैं। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। 72 घंटे बाद उसकी हालत के बारे में डॉक्टर कोई दावा करने की स्थिति में होंगे।
कहां थी पुलिस
आरटीओ कार्यालय के पास डायल-100 सेवा की एक पीआरवी अधिकांश तैनात रहती है। फिल्मी स्टाइल में हुई इस दिल दहला देने वाली इस वारदात के दौरान पुलिसकर्मी भी नहीं पहुंचे। पब्लिक के एक आरोपी को दबोचने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।