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मूवर्स एंड पैकर्स के नाम पर ठगी करने वाले गिरफ्तार

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मूवर्स-पैकर्स के नाम पर ठगने वाले दो गिरफ्तार
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मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के जरिए लोगों के सामान की शिफ्टिंग के नाम पर ठगने वाले गैंग के दो शातिरों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस दोनों ठगों की मदद से एक गोदाम तक पहुंची, जहां लाखों रुपये का घरेलू सामान भरा था। पंचवटी निवासी इलेक्ट्रानिक कंपनी कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। उनका सामान भी बरामद हो गया है।
एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि न्यू पंचवटी कालोनी निवासी विवेक शुक्ला एक इलेक्ट्रानिक कंपनी में कार्यरत हैं। पिछले दिनों उनका ट्रांसफर देहरादून हो गया। आठ अगस्त को सामान शिफ्टिंग के लिए जस्ट डायल की मदद से कॉल की। उसके बाद उन्हें मनोज नामक युवक ने कॉल की और खुद को आरएल मूवर्स एंड पैकर्स से बताया। यहां से देहरादून सामान ले जाने के लिए 11800 रुपये का रेट तय हुआ। 13 अगस्त को विकास नामक युवक ने उन्हें कॉल किया और एक टैंपों में सामान पैक कर ले गया। अगले दिन तक जब सामान देहरादून नहीं पहुंचा तो उन्होंने विकास को कॉल किया। विकास ने और 10 हजार रुपये की मांग की। धमकी दी कि अगर रुपये नहीं दिए तो सामान नहीं मिलेगा। उन्होंने दिए खाते में 10 हजार रुपये और ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि इसके बाद भी जब उनका सामान नहीं मिला तो उन्होंने पिछले शनिवार को कोतवाली पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और सोमवार को मिनी मालवाहक (छोटा हाथी) के साथ दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर सीमापुरी बार्डर के पास बने एक गोदाम से लाखों का माल बरामद किया गया। पकड़े गए ठग सतीश कुमार टैंपो चालक है, जो सामान लेकर गया था। दूसरा ठग परमजीत सिंह है, जो गोदाम मालिक है। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी विकास की तलाश जारी है।
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आठ दिन से मासूम बेटी के साथ रेलवे स्टेशन पर रह रहा पीड़ित
पीड़ित विवेक ने बताया कि उन्होंने 13 अगस्त को ही यहां का घर खाली कर दिया था और देहरादून पहुंच गए थे। सामान नहीं पहुंचने पर 23 अगस्त को पत्नी मीना और आठ माह की बेटी लड्डू के साथ गाजियाबाद लौटे। तब से रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में ही रह रहे हैं। दो दिन पहले उनकी बेटी को बुखार हो गया। सोमवार को उसे शांति गोपाल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि मंगलवार को उसे छुट्टी दे दी गई। सामान मिलने पर उन्होंने पुलिस का धन्यवाद दिया।
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बिलों की हो रही जांच, निकल सकता है फर्जीवाड़ा
पुलिस विकास द्वारा दिए गए बिलों की जांच कर रही है। आरएल मूवर्स एंड पैकर्स नामक फर्म महाराष्ट्र में रजिस्टर्ड है। हालांकि पुलिस को शक है कि किसी फर्म के फर्जी नाम का इस्तेमाल कर ठगी की जा रही है। इसकी जांच जारी है। उधर, बदमाशों से बरामद सामान में टीवी, फ्रिज समेत घरेलू सामान है। अब पुलिस अन्य पीड़ितों की तलाश कर रही है, जिनको ठगों ने शिकार बनाया गया है।
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