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गूगल की मदद से मोबाइल लुटेरों को पकड़ेगी पुलिस-Cordination

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‘गूगल’ करेगा मोबाइल लुटेरों का पर्दाफाश
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मोबाइल चोर और लुटेरों को पकड़ने के लिए पुलिस अब ‘गूृगल’ का सहारा लेगी। ‘गूगल ड्राइव’ सर्वर स्टोरेज पर लूटे गए मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर अन्य जिलों और प्रदेशों की पुलिस से साझा किए जाएंगे।

मोबाइल की लोकेशन ट्रेस होते ही संबंधित राज्य पुलिस की मदद से मोबाइल उपयोग करने वाले को पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने गूगल के सर्वर पर लूटे या चोरी किए गए मोबाइल फोन्स का डाटा अपलोड करना शुरू कर दिया है।
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दिल्ली-एनसीआर में ही रोजाना 100-120 मोबाइल लूटे या चोरी किए जाते हैं। चोरी और लूट के मोबाइल का प्रतिमाह करोड़ाें का कारोबार चल रहा है।

मोबाइल वापस मिलने में दिक्कत यह आती है कि यहां के मोबाइल गुजरात, बंगाल और बिहार में चलाए जाते हैं। मोबाइल ट्रेस तो कर लिया जाता है मगर स्थानीय पुलिस अन्य प्रदेशों में जाने से इंकार कर देती है।

एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि पिछले एक माह में चोरी और लूट के मोबाइल फोन्स का डाटा बैंक तैयार कर इसे गूगल ड्राइव पर अपलोड कर दिया गया है। शुरुआत में गूगल ड्राइव के सेंट्रलाइज्ड सर्वर से डाटा को दिल्ली, नोएडा, मेरठ और आसपास के जिलों के साथ साझा किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात और अन्य प्रदेशों की पुलिस से बात की जा रही है। अगस्त तक सभी प्रदेशों की पुलिस के साथ डाटा साझा हो जाएगा। चोरी का मोबाइल जहां ट्रेस होगा, वहीं की स्थानीय पुलिस मोबाइल उपयोग करने वाले को पकड़कर मोबाइल बरामद कर लेगी।
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एसपी सिटी ने बताया कि मोबाइल कंपनियों के अधिकारियों से संपर्क कर यह व्यवस्था की जा रही है कि छह माह से अधिक समय से बंद मोबाइल को लॉक करवा दिया जाए।

इससे पुरानी आईएमईआई नंबर का प्रयोग नए चोरी के मोबाइलों में नहीं हो सकेगा। टेलीकॉम कंपनियां तीन माह तक सिम उपयोग नहीं करने पर उसे बंद कर देती हैं, इसी तर्ज पर मोबाइल कंपनियां भी पुरानी आईएमईआई नंबर को बंद कर देंगी, जिससे फोन लॉक हो जाएगा।
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