खोखे तोड़ने पर दुकानदारों ने किया बवाल, पथराव
नवयुग मार्केट में बृहस्पतिवार को नाला सफाई के दौरान नगर निगम की टीम ने नाले पर रखे खोखे तोड़ डाले। यह देख दुकानदारों ने बवाल कर दिया। एकजुट हुए दुकानदारों ने नगर निगम अफसरों और टीम पर पथराव कर उन्हें दौड़ा लिया और तोड़े गए खोखों में आग लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। नगरायुक्त ने भी दुकानदारों से उनके रोजगार का जरिया नहीं छीने जाने का आश्वासन दिया है।
बृहस्पतिवार सुबह नगर निगम की ओर से नवयुग मार्केट में नाला सफाई का काम कराया जा रहा था। सुबह करीब साढ़े बजे नगर निगम मुख्यालय के बाहर और अंबेडकर स्कूल के पास नाले पर रखे 30-35 खोखे नाला सफाई में बाधक बन रहे थे।
इस पर निगम अधिकारियों ने इन्हें तोड़ने के निर्देश दे दिए। अफसरों के निर्देश मिलते ही सफाई कर्मचारियों ने जेसीबी लगाकर खोखे तोड़ने शुरू कर दिए। निगम की टीम ने करीब 12-15 खोखे तोड़ डाले।
यह देख दुकानदारों के साथ उनके परिजन भी इकट्ठा हो गए और उनका गुस्सा भड़क उठा। दुकानदारों ने निगम की टीम पर पथराव कर दिया। लोगों का बढ़ता आक्रोश और पथराव देख निगम की टीम भाग खड़ी हुई।
लोगों ने निगम मुख्यालय तक टीम को दौड़ा लिया और जमकर हंगामा किया। इसके बाद भाजपा अनुसूचित मोर्चा के महानगर अध्यक्ष अशोक संत के नेतृत्व में दुकानदार निगम मुख्यालय पहुंचे और नगरायुक्त चंद्रप्रकाश सिंह से वार्ता की।
अशोक संत ने कहा कि अधिकारी गरीबों को उजाड़कर भाजपा सरकार को बदनाम कर रहे हैं। फेरी नीति के तहत पहले खोखो-पटरी वालों को जगह दी जाए। उन्होंने कहा कि महापौर से भी पूर्व में इसकी शिकायत की गई थी लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
वहीं, नगरायुक्त ने दुकानदारों के रोजगार का जरिया नहीं छीने जाने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। उन्होंने कहा कि नाला सफाई के लिए वह रास्ता दे दें।
विरोध के दौरान दुकानदारों ने टूटे खोखों में आग लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जब नगर निगम उन्हें उजाड़ ही रही है तो इस मलबे का वह क्या करेंगे। आगजनी देख पुलिस के हाथपांव फूल गए।
पुलिस ने तत्काल फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग बुझवाई। गनीमत रही कि निगम की जेसीबी या अफसरों के वाहन उस वक्त वहां नहीं थे, वरना गुस्साई भीड़ उनके वाहनों पर भी गुस्सा निकाल सकते थे।
खोखे तोड़ने के बाद बेरोजगार हुए दुकानदारों का कहना है कि नगर निगम और भाजपा सरकार सिर्फ दलितों पर अत्याचार कर रही है। चौपला और घंटाघर क्षेत्र में दुकानों के आगे अतिक्रमण किया गया है।
चौपला बाजार में अन्य समाज के दुकानदारों ने भी खोखे-पटरी लगा रखे हैं, लेकिन उनके खोखे नहीं तोड़े जा रहे। सबसे पहले दलित समाज के खोखे तोड़े गए हैं। स्थानीय दुकानदार नरेश वर्धन का कहना है कि नगर निगम अधिकारियों ने उन्हें दुकानों से सामान निकालने का भी समय नहीं दिया और बुलडोजर चला दिया।