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30 घंटे मे बच्चा सकुशल बरामद,चार गिरफ्तार

Mon, 12 Sep 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला लोनी
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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नौरसपुर गांव से तीन दिन पहले अगवा किए गए 13 माह के मासूम को पुलिस ने दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। गांव में ही किराए पर रहने वाले युवक ने अपने भाई के साथ मिलकर मासूम को अगवा किया और दिल्ली निवासी एक दंपति को तीन लाख रुपये में बेच दिया। पुलिस ने इस अपहरण कांड में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी और एक महिला फरार है।
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एसपी ग्रामीण राकेश पांडे ने बताया कि नौरसपुर गांव से शनिवार शाम चार बजे सचिन के बेटे यश (13 माह) का अपहरण कर लिया गया था। परिजनों ने गांव के सुनील और एक अज्ञात युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

उन्होंने बताया कि जांच में सुनील के भाई राहुल का शामिल होना पाया गया। राहुल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कुबूल कर लिया कि भाई सुनील के साथ मिलकर उसने यश का अपहरण किया था।
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दोनों ने यश को साहिबाबाद स्थित गगन विहार कालोनी निवासी चांदवीर और उसकी पत्नी पूनम को दे दिया, जिन्होंने बच्चे को दिल्ली मधुविहार करिश्मा अपार्टमेंट निवासी डा. अनीता को सौंप दिया।

अब डा. अनीता ने यश को तीन लाख रुपये लेकर शकरपुरा दिल्ली निवासी पारस जैन को बेच दिया। चांदवीर और उसकी पत्नी को यश के बदले 75 हजार रुपये दिए गए। इनमें से 15 हजार रुपये सुनील और राहुल को दिए गए।

पुलिस ने रविवार की देर रात दबिश देकर पारस जैन, डॉक्टर अनीता, चांदवीर उसकी पत्नी पूनम को गिरफ्तार कर लिया।  एसपी ग्रामीण ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

सुनील और पारस जैन की पत्नी अर्चना की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। एसपी ने बताया कि सचिन, राहुल, चांदवीर और उसकी पत्नी मोबाइल का भी इस्तेमाल नहीं करते थे। पुलिस टीम ने 30 घंटे के भीतर वारदात का खुलासा किया है।                   

- बेटे की चाहत में यश को खरीदा था                  
बेकरी संचालक पारस जैन और उसकी पत्नी अर्चना को बेटी तो है लेकिन उन्हें बेटे की चाह थी। उन्होंने डॉक्टर अनीता से बेटा गोद लेने की इच्छा जाहिर की। पारस जैन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने तीन लाख रुपये बच्चे को खरीदने के उद्देश्य से नहीं दिए थे, वह गरीब परिवार का बच्चा गोद लेना चाहते थे।                   

 मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर                         
सचिन का कुछ समय पहले मुख्य आरोपी सुनील से झगड़ा हुआ था। सुनील ने उसे इसका खामियाजा भुगतने की धमकी दी। इसके चलते सुनील ने सचिन के बच्चे का अपहरण किया। परिजनों ने सुनील के नामजद कराया था। अभी मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।                  
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