कचहरी से फरार 15 हजार का इनामी गिरफ्तार
गाजियाबाद। कचहरी में आत्मसमर्पण के बाद पुलिस कस्टडी से फरार हुए जानलेवा हमले, धोखाधड़ी के आरोपी को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी की ओर से उस पर 15 हजार का इनाम घोषित किया गया था। इस मामले में एक कोर्ट मोहर्रिर को निलंबित कर दिया गया था।
मूलरूप से बड़ा गांव खेलड़ा, दौसा राजस्थान का रहने वाला ज्ञान सिंह उर्फ ज्ञान लोनी बार्डर थाने से जानलेवा हमले, आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी के मामले में वांछित था। 11 जुलाई 2018 को वह एसीजेएम-फर्स्ट की अदालत में सरेंडर करने पहुंचा था। जब उसे लगा कि उसके री-वारंट जारी नहीं हो सकेंगे और जेल जाना पड़ेगा तो वह पुलिस हिरासत से फरार हो गया। इस मामले में चौकी इंचार्ज कचहरी की ओर से फरार हुए आरोपी और कोर्ट मोहर्रिर योगेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। एसएसपी ने कोर्ट मोहर्रिर को निलंबित कर दिया था। एसएचओ कविनगर प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश में एसएसआई हिंदवीर सिंह, एसओजी प्रभारी प्रजंत त्यागी की टीम को लगाया गया था। बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि ज्ञान सिंह कचहरी में किसी से मिलने आया हुआ है। इस पर उन्होंने चेकिंग की। उसे हापुड़ चुंगी से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से तमंचा भी बरामद किया गया है। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा।
पेशी से फरार हुए हत्यारोपी की तलाश जारी
पेशी पर ले जाने वाला सिपाही गिरफ्तार
गाजियाबाद। कोर्ट में पेशी के दौरान फरार हुए हत्या के आरोपी सन्नी यादव की तलाश में कविनगर पुलिस ने कई जगह दबिश दी। वहीं सन्नी यादव की फरारी में शामिल रहे कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सन्नी पर जून 2011 में बम्हेटा गांव निवासी महेश यादव उर्फ बिच्छू पहलवान की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। कविनगर पुलिस ने सन्नी और उसके दोस्त बिठ्ठल को गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया था। बुधवार को सन्नी को डासना जेल से पेशी पर लाया गया था। कांस्टेबल सतीश उसे हिरासत में लेकर जा रहा था। इसी दौरान वह फरार हो गया था। जांच में सामने आया कि कांस्टेबल सतीश ने ही उसे भागने में मदद की और अपने फोन से उसके भाई से बात भी कराई। एसएसपी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को कांस्टेबल सतीश को गिरफ्तार कर लिया गया। एसएचओ प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सन्नी की तलाश की जा रही है।