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कार पर चेयरमैन लिखवाकर निकले थे लूट करने, दबोचे-Ghaziabad city

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कार पर चेयरमैन लिखवाकर निकले थे लूट करने, दबोचे
मसूरी। वारदातें करने के लिए बदमाश पुलिस का स्टीकर तो इस्तेमाल करते थे, अब राजनीतिक लोगों के नाम का सहारा भी लेने लगे हैं। ऐसे ही दो सगे भाइयों को मसूरी पुलिस ने दबोचा है। दोनों लूट करने के लिए कार पर ‘डासना चेयरमैन’ का स्टीकर लगवाकर निकले थे। इनमें से एक भाई पर मसूरी थाने में ही लूट, चोरी और अन्य धाराओं में छह केस दर्ज हैं। वह 2016 में हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस को चकमा देकर भाग गया था।
मसूरी एसएचओ सतेंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि पकड़े गए बदमाश शाहिद (24) और वाहिद (22) सगे भाई हैं और अगौता, बुलंदशहर के रहने वाले हैं। वाहिद पर गंभीर धाराओं में आठ से ज्यादा केस दर्ज हैं, इनमें से छह मसूरी थाने में हैं। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह करीब पौने 12 बजे डासना चौकी इंचार्ज अरुण कुमार चेकिंग कर रहे थे। तभी शाहिद और वाहिद अपनी बोलेरो कार लेकर तेजी से निकलने लगे और रोकने पर भी नहीं रुके। पुलिस ने पीछा कर घेरकर दबोच लिया। गाड़ी वाहिद चला रहा था। इनके पास से एक तमंचा, कारतूस और कार बरामद हुई है। कार के दस्तावेज न दिखा पाने के चलते पुलिस ने गाड़ी सीज कर दी है। एसएचओ के मुताबिक, शाहिद और वाहिद ने बताया कि वह इसी कार से वारदात करते थे। पुलिस को शक न हो और उन्हें डासना टोल ब्रिज पर रोका न जाए, इसके लिए उन्होंने डासना चेयरमैन का स्टीकर लगाया था।
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पुलिस पर झाड़ा चेयरमैन का रौब
एसएचओ के मुताबिक, चौकी इंचार्ज के उन्हें घेर कर रोकने पर शाहिद और वाहिद ने उन पर डासना चेयरमैन का रौब झाड़ा। दोनों ने कहा कि दिखता नहीं कि चेयरमैन की गाड़ी है, फिर भी उन्हें रोकने की हिम्मत कैसे कर ली। पुलिस ने डासना चेयरमैन को फोन लगाकर तस्दीक की। पुलिस के मुताबिक डासना चेयरमैन ने दोनों को पहचानने से भी इंकार कर दिया। उनका कहना है कि उनके पद का दुरुपयोग करने के लिए स्टीकर लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक इस स्टीकर के लगा लिए जाने से डासना टोल ब्रिज पर टोल शुल्क भी नहीं वसूला जाता था। वह चेयरमैन का रौब दिखाकर निकल जाते थे।
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मुठभेड़ में शहजाद के साथ था वाहिद
पुलिस के मुताबिक मसूरी थाना क्षेत्र में 24 जुलाई 2016 को एक मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में शहजाद को गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ वाहिद भी था, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर भाग गया था। वह मसूरी थाने का वांछित था।
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