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बदमाशों की एक बाइक नंबर पुलिस ने किया ट्रेस-Ghaziabad city

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साइड स्टोरी :
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बदमाशों की एक बाइक के नंबर पुलिस ने किया ट्रेस
- पुलिस जल्द खुलासे का कर रही दावा
- सीसीटीवी में कैद हुए बदमाशों का चेहरा नहीं दिख रहा साफ, लैब में होगी जांच

अमर उजाला ब्यूरो
साहिबाबाद।
वसुंधरा सेक्टर-2 सी में डॉक्टर के घर दिनदहाड़े डकैती करने घुसे बदमाशों की एक बाइक का नंबर पुलिस ने ट्रेस कर लिया है। पुलिस ने नंबर की जांच की तो वह अपाचे बाइक का निकला। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। घटना का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि क्लीनिक में लगे सीसीटीवी की डीवीआर बदमाश अपने साथ ले गए, लेकिन डॉक्टर के पड़ोस में लगे सीसीटीवी में बदमाश भागते हुए कैद हुए हैं। फुटेज में सफेद और काले रंग की अपाचे बाइक पर तीन-तीन बदमाश जाते दिखाई दिए हैं। इसमें पीछे बैठे बदमाश के हाथ में थैला दिखाई दे रहा है। हालांकि सीसीटीवी उनके पीछे से होने की वजह से बदमाशों का चेहरा साफ नहीं दिखाई दे रहा है। पुलिस ने फुटेज को लैब में भेजा है, ताकि बदमाशों का सुराग लग सके। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बदमाश पूर्व में भी मरीज बनकर रेकी करने क्लीनिक पर आए होंगे। बदमाशों को जानकारी थी कि डॉक्टर के घर में कैश ज्यादा है। ऐसे में पुलिस वारदात के पीछे किसी जानकार का हाथ मान रही है। एसपी सिटी ने बताया कि वारदात के दौरान बदमाशों ने हाथों में दस्ताने पहन रखे थे। उन्होंने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों की केबल काटकर डीवीआर अपने कब्जे में ले ली। पुलिस जांच में पता चला है कि जनवरी में एक नौकरानी मंजू को गलत हरकतों की वजह से काम से निकाला था। पुलिस उस नौकरानी से भी पूछताछ करेगी। डा. नीरज की पत्नी मंजू को कुछ समय पहले मुरादाबाद से लेकर आई थी।
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हाथ बांधने के लिए डॉक्टर से ही लिया रुमाल
डा. नीरज ने बताया कि बदमाशों ने उन्हें और परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद वह घबरा गए। इसके बाद बदमाशों ने जो कहा वह करते गए। बदमाश बदमाशों के कहने पर उन्होंने अपनी बायोमीट्रिक तिजोरी खोली दी और बदमाशों ने रकम व जेवर निकाल लिए। जाते वक्त बदमाशों को उनके हाथ बांधने के लिए रस्सी न मिला तो उन्होंने अपना रुमाल ही बदमाशों को दे दिया। बदमाशों ने घटना के दौरान मोबाइल की बैटरी निकाल दी थी, ताकि कोई पुलिस को सूचना न दे सके। डॉक्टर के आईफोन की बैटरी न निकाल सके तो बदमाश फोन लेकर ही चले गए। उन्होंने बताया कि एक बदमाश के मुंह पर कपड़ा बंधा हुआ था, जबकि अन्य बदमाशों के चेहरे खुले थे। वह बदमाशों को पहचान लेंगे।

स्थानीय और पढ़े लिखे लग रहे थे बदमाश
पीड़ित डॉक्टर ने बताया कि वारदात के दौरान बदमाश आपस में बातचीत अंग्रेजी शब्दों का भी प्रयोग कर रहे थे। लग रहा है कि बदमाश पढ़े लिखे हैं। उनकी उम्र भी कम है। ऐसे में पुलिस छात्रों के गैंग को टारगेट कर रही है।

बंद पुलिस चौकी का मिला फायदा, 100 मीटर पर खड़ी थी पीसीआर
डॉक्टर नीरज के घर के पीछे ही पुलिस चौकी है, लेकिन बंद है। आए दिन यहां पर लूटपाट और चोरी की घटनाएं होती हैं। हाल ही में बदमाशों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक महिला से जेवर उतरवा लिया थे। इस घटना का भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। चर्चा है कि बदमाशों को बंद पड़ी चौकी का भी फायदा मिला। घटना स्थल से मजह 100 मीटर दूर मेवाड़ कालेज रोड पर पीसीआर थी। एक किमी की दूरी पर इंदिरापुरम थाना है, मगर पुलिसकर्मियों को वारदात की भनक तक नहीं लगी।
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वारदात से सहमी डॉक्टर फैमिली
वारदात के बाद से डॉक्टर फैमिली सहमी हुई है। उनका कहना है कि अगर वह विरोध करते, तो बदमाश उनकी जान ले लेते। वह पिस्टल और चाकू उनके ऊपर तान कर रखे हुए थे और बार-बार जान से मारने की धमकी दे रहे थे। डाक्टर नीरज के दो बच्चे स्कूल जाते है। बच्चों के स्कूल आने-जाने को लेकर उनकी चिंता बढ़ गई है।

टाइम लाइन
9:40 सुबह बजे बदमाश क्लीनिक में घुसे
9:55 सुबह बजे डॉक्टर नीरज समेत सात लोगों को बंधक बनाया
10:20 सुबह बजे बदमाश नकदी व जेवर लेकर फरार हो गए
10:40 सुबह बजे दुकान अंदर पहुंचे और सभी को कमरे से बाहर निकाला
10:50 सुबह बजे पुलिस मौके पर पहुंची
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