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दाल मिल में दो मजदूरों की मौत-Cordination

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दाल मिल के स्टाफ क्वार्टर में करंट से दो भाइयों की मौत
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मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र की दाल मिल में शनिवार दोपहर खाना खाने के दौरान करंट लगने से दो मजदूरों की मौत हो गई। दोनों मजदूर चचेरे भाई थे और लंच टाइम में फैक्ट्री के पिछले हिस्से में बने स्टाफ क्वार्टर में खाने खाने आए थे। मृतकों के भतीजे की तहरीर पर पुलिस ने मिल मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र साइड-3 डी-22/2 में आशीष अग्रवाल दाल मिल चलाते हैं। मिल में करीब 14-15 मजदूर कार्यरत हैं। समस्तीपुर बिहार निवासी चचेरे भाई श्रवीन राय (23) और जितेंद्र राय (19) पिछले करीब चार माह से मिल में काम कर रहे थे। शनिवार दोपहर करीब एक बजे लंच टाइम में दोनों फैक्ट्री के पीछे बने स्टाफ क्वार्टर में खाना खाने गए थे, जहां दोनों करंट की चपेट में आ गए। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर अन्य मजदूर कमरे में पहुंचे तो दोनों जमीन पर गिरे पड़े थे। पास ही लोहे की जाली की टेबल थी, जिस पर एक नंगी तार पड़ी थी। मजदूरों ने मेन लाइन बंद कर दोनों को पास के निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ विनोद पांडेय ने बताया कि जितेंद्र के भतीजे दीपक ने मिल मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने मिल मालिक आशीष अग्रवाल के खिलाफ लापरवाही से फैक्ट्री चलाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, श्रम विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
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कमरे में खुले पड़े थे तार, अंधेरे में हुआ हादसा
जिस कमरे में हादसा हुआ वहां बेहद अंधेरा था। कमरे के गेट के ऊपर ही बिजली की तारें जा रहीं थीं, जिनमें से कई नंगी थीं। इनमें से एक तार लोहे की जाली पर बनी टेबल पर भी गिरी थी। एसओ विनोद पांडेय ने बताया कि जांच में सामने आया है कि जितेंद्र और श्रवीन चारपाई पर बैठकर खाना खा रहे थे। इस दौरान जितेंद्र लोहे की टेबल पर रखी दाल लेने के लिए उठा और करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने के लिए श्रवीन भी उठा तो उसे भी करंट लग गया।
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खाना छूट गया अधूरा, चूल्हे पर रह गई रोटी
चारपाई पर दोनों का खाना अधूरा ही छूट गया और कमरे के बाहर चूल्हे पर रखे तवे पर एक रोटी भी अधूरी ही पकी रह गई। दोनों की मौत के बाद भतीजे दीपक और गांव के अन्य मजदूरों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। भतीजे ने मांग की कि फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दोनों की मौत का उचित मुआवजा भी दिया जाए। मजदूरों ने बताया कि तीन दिन पहले ही जितेंद्र के पिता दोमन राय मिल में ही उससे मिलने आए थे। बेटे की मौत के सूचना से वह सदमे में हैं। दोनों का शव देर शाम समस्तीपुर स्थित पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया।
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