फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेट एयरवेज के वीसी सिक्योरिटी की जमानत याचिका खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
जेट एयरवेज के अधिकारी की जमानत याचिका खारिज
विज्ञापन

नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप में गिरफ्तार जेट एयरवेज के वाइस प्रेसिडेंट सिक्योरिटी कर्नल अवनीत सिंह बेदी की जमानत याचिका सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दी।

पुलिस रिकार्ड में नाम संशोधन के बाद मंगलवार दोपहर अवनीत सिंह को जेल से कोर्ट लाया गया। कड़ी सुरक्षा में अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं में 27 मिनट तक बहस हुई।
विज्ञापन


अभियोजन पक्ष ने अवनीत सिंह को निगम की करोड़ों की जमीन पर साजिशन अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया तो बचाव पक्ष ने उनको निर्दोष बताया।

नगर निगम की करोड़ों की जमीन पर इंदिरापुरम क्षेत्र में अवैध कब्जा है। जेट एयरवेज के वीपी सिक्योरिटी पर आरोप है कि उन्होंने साजिश रचकर करोड़ों रुपये की सरकारी 900 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर लिया।

उसमें से कई लोगों को किराए पर भी जमीन उठाई गई। इस बहुचर्चित मामले में कर्नल सहित 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी अवनीत सिंह बेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पुलिस रिकार्ड में उनका नाम बेदी के स्थान पर सेठी लिख जाने के कारण सोमवार को जमानत पर सुनवाई नहीं हुई थी। मंगलवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बेदी को निर्दोष बताया। उनका तर्क था अवनीत सिंह के नाम पर उक्त स्थान पर एक मीटर भी जमीन नहीं है। जमीन उनकी माता के नाम है और 1959 का बैनामा है। इसकी खतौनी लगाई गई है।

अभियोजन पक्ष ने अवनीत सिंह पर न केवल साजिश रचकर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया, बल्कि उनको ही मुख्य आरोपी करार दिया। 1959 में 250 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा विमला बेदी ने कराया था। उक्त भूमि बंजर थी। ऐसे में शासनादेश के चलते बैनामा स्वत: निरस्त हो गया।

इसके बाद फर्जी मुखत्यारनामा बनवाकर 577 वर्ग मीटर जमीन और कब्जा ली गई। जमानत प्रपत्रों के साथ लगाया गया खसरा भी 57/1 नंबर का है, जबकि फर्जीवाड़ा कर उसको 57 का दिखाया गया है।

विमला बेदी ने उक्त जमीन के समस्त अधिकार बेटे अवनीत को दिए हैं, ऐसे में वह मुख्य आरोपी है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए अवनीत सिंह को जमानत देने की मांग की। इस मामले में पुलिस की भूमिका को भी भेदभावपूर्ण बताया। शाम को कोर्ट ने अवनीत सिंह बेदी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन


उधर, आईओ इफ्तखार कुरैशी ने अदालत को बताया कि लेखपाल ने सामान्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो इसका खुलासा होता गया। सभी आरोपों की पुष्टि करने और उनका रिकार्ड जुटाने के बाद ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें