बच्चे की मौत के मामले में चिकित्सकों के बयान दर्ज
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में पर्ची न बनने के कारण सवा महीने के बच्चे की मौत मामले में बृहस्पतिवार को अपर जिलाधिकारी के सामने चिकित्सकों के बयान दर्ज हुए। इसमें एमएमजी की जांच टीम के चिकित्सकों ने अपनी जांच रिपोर्ट भी पेश की। इसके साथ ही सीएमएस ने भी संविदा पर तैनात नर्स के मामले में सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए। इस दौरान अस्पताल से तीनों बाल रोग विशेषज्ञ के चले जाने से 12 बजे के बाद से बाल रोग विभाग पूरी तरह ठप हो गया और मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
मसूरी के इरशाद नामक व्यक्ति के डेढ़ माह के बच्चे के मौत के मामले में बृहस्पतिवार को अपर सिटी मजिस्ट्रेट खालिद अंजुम के सामने सभी चिकित्सकों की और सीएमएस की पेशी हुई। इसमें तीनों बाल रोग विशेषज्ञ और ईएमओ सहित सीएमएस भी शामिल रहे। साथ ही एमएमजी में जांच करने वाली टीम के एक चिकित्सक भी मौजूद रहे। सभी चिकित्सक और सीएमएस दोपहर 12:00 बजे कलक्ट्रेट पहुंच गए थे, जिसकी वजह से 12:00 बजे के बाद बाल रोग विभाग पूरी तरह बंद रहा। इसके अलावा ईमओ के चले जाने से इमरजेंसी सेवा भी प्रभावित हुई। गौरतलब है कि 17 जून को एमएमजी अस्पताल में मसूरी निवासी इरशाद अपने बच्चे का इलाज कराने के लिए आया था। बच्चा गंभीर हालत में था एमएमजी में बाल रोग विशेषज्ञ के यहां पर्ची न होने पर बच्चे का इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद वह इमरजेंसी में गए, जहां बच्चे की मौत हो गई। सीएमएस डॉ. रविंद्र राणा ने बताया कि इस मामले में जो भी साक्ष्य मांगे गए थे वह सभी प्रस्तुत कर दिए गए। अपर सिटी मजिस्ट्रेट खालिद अंजुम ने बताया कि सभी चिकित्सकों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं, लेकिन अभी कुछ और जांच होनी बाकी है।