गोरखपुर के ध्यानार्थ
फोटो है
बिना स्टीकर लगी कार को रोकने पर सुरक्षा गार्डों की पिटाई
आरोपी नगर निगम गोरखपुर में हैं अपर नगर आयुक्त, घटना सीसीटीवी में कैद
वैशाली सेक्टर सात स्थित सिविटेक रामप्रस्था सोसायटी का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
साहिबाबाद। वैशाली सेक्टर सात स्थित सिविटेक रामप्रस्था सोसायटी में रविवार रात बिना स्टीकर लगी कार को रोकना सुरक्षा गार्डों को महंगा पड़ गया। गार्डों का आरोप है कि सोसायटी निवासी गोरखपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त, उनके बेटे और अन्य अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट की। घटना सीसीटीवी में कैद है। पीड़ित गार्डों ने इंदिरापुरम थाने में शिकायत की है। अपर नगर आयुक्त का कहना है कि गार्ड ने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी और पत्नी से अभद्रता की थी। अज्ञात लोगों ने उनसे मारपीट की।
सिविटेक रामप्रस्था सोसायटी में मैनपुरी निवासी अशोक कुमार गनमैन और देवरिया निवासी अनिरुद्ध तिवारी सुपरवाइजर हैं। अशोक कुमार ने बताया कि सोसायटी के टावर नंबर पांच के एक फ्लैट में एके सिंह परिवार के साथ रहते हैं। शनिवार शाम को उनके बेटे से कार सवार चार युवक मिलने आए थे। युवक सोसायटी के अंदर कार लेकर जाने की कोशिश कर रहे थे। अशोक ने सोसायटी के बिना स्टीकर लगे इस कार को प्रवेश नहीं करने दिया। युवकों की कार बाहर ही खड़ी करा दी। इसके बाद एके सिंह का बेटा दोस्तों के साथ आया और उनके साथ गाली-गलौच करते हुए कॉलर पकड़ लिया। आरोप है कि रविवार रात करीब पौने नौ बजे एके सिंह अपने बेटे और पांच से छह अज्ञात युवकों के साथ मेनगेट पर पहुंचे। इस दौरान एके सिंह ने बेटे से अभद्रता करने की बात कहते हुए अशोक से मारपीट कर दी। बीच बचाव करने पहुंचे अनिरुद्ध तिवारी के साथ भी अन्य लोगों ने मारपीट की। पुलिस के आने से पूर्व ही आरोपी फरार हो गए। एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल का कहना है कि सुरक्षा गार्ड की शिकायत पर एके सिंह व अन्य पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
गार्ड ने मेरी पत्नी से अभद्रता और गाली-गलौच की थी, बेटे से भी अभद्रता की। रविवार रात सुरक्षा गार्ड को समझाने गया था। बातचीत के दौरान उसने फिर अभद्रता की। महिला और मेरे साथ अभद्रता देखकर आसपास के लोग नाराज हो गए और उन्होंने सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की। पत्नी की ओर से सुरक्षा गार्ड के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। - एके सिंह, अपर नगर आयुक्त, गोरखपुर नगर निगम