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हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत-Cordination

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हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत
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गाजियाबाद। विजयनगर के बागू इलाके में बृहस्पतिवार सुबह तीन बच्चों समेत चार लोग हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए, जिनमें से बच्चों की मौत उपचार के दौरान हो गई। एक बच्चे और महिला का इलाज दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में चल रहा है। धमाके के साथ हुए इस हादसे से कालोनी के करीब 30 मकानों के बिजली उपकरण भी फूंक गए। वहीं, विद्युत निगम की ओर से डीएम और स्थानीय निवासियों को लाइन के नीचे से मकान खाली कराने का नोटिस दिया गया था।
विद्युत निगम से मिली जानकारी के अनुसार लाइन पार की क्रिश्चिन नगर बागू कालोनी, सैन विहार, विजनगर समेत कई कालोनियों से ट्रांसमिशन की 132केवी की लाइन होकर गुजर रही है। बृहस्पतिवार सुबह क्रिश्चिन नगर बागू के सिद्धार्थ विहार के 20 फुट रोड पर बने तीन मंजिल एक मकान की छत पर दो भाई दिपेश उर्फ गितेश (10) और कुनाल (8) खेल रहे थे। पड़ोसियों के मुताबिक साढ़े आठ बजे के करीब दोनों ने खेलते वक्त छत पर पड़ी लोहे की रॉड उठा ली और वह हाईटेंशन लाइन पर लगे एक कपड़े को हटाने की कोशिश की, जिसके चलते रॉड तार से टकरा गई। इसके चलते जोरदार धमाका हुआ, जिससे दोनों बच्चे पूरी तरह से झुलस गए, जिनमें से दिपेश की मौके पर ही मौत हो गई और कुनाल की मौत जीटीबी अस्पताल दिल्ली में उपचार के दौरान हो गई। वहीं, धमाके का असर इतना रहा कि मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में बैठी महिला सुनीता और उसका दो साल का बेटा अंश भी हादसे के कारण झुलस गए। वहीं, कमरे की छत पर लगा पंखा नीचे आकर गिर गया और कंपने इलेक्ट्रानिक बोर्ड और इलेक्ट्रानिक सामान भी पूरी तरह से जल गए। हादसे के बाद आनन-फानन में कालोनी के लोग घायलों को लेकर जिला अस्पताल एमएमजी पहुंचे, जहां बर्न वार्ड नहीं होने के कारण उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहीं, कालोनी के रहने वाले लोगों ने बताया कि करीब 30 मकानों में लगे बिजली के उपकरण खराब हो गए हैं।
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कॉलोनी के लोगों को दिया जा चुका है नोटिस
ट्रांस मिशन के एक्सईएन विकास गुप्ता ने बताया कि कालोनी में हाईटेंशन लाइन के नीचे बने घरों में रहने वाले लोगों को विभाग की ओर से नोटिस दिया जा चुका है। उन्हें नोटिस देकर बताया जा चुका है कि उनके घर लाइन के नीचे बने है, जोकि पूरी तरह से अवैध है। उन्हें बताया गया कि नियम के हाईटेंशन लाइन से करीब 27 मीटर की दूरी पर नए मकान बनाए जाने चाहिए।
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हादसे के बाद लोगों में दहशत
इस हादसे के बाद लोगों में दहशत है, साथ ही आशंका है कि इस घटना के बाद कहीं प्रशासन कालोनी में अवैध रूप से बने मकानों पर कार्रवाई तो नहीं करेगा। लोगों को बेघर होने का डर सता रहा है।
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